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राहुल के आरोपों पर भाजपा का जवाब: 'राजनीतिक ज्ञान शून्य', सुधांशु बोले- जिस रिपोर्ट की बात उसका आधार क्या?

Thu, 24 Sep 2026 06:26 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के चुनावी आरोपों और एंटी-इन्कंबेंसी वाले बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कांग्रेस के अलग-अलग राज्यों में सत्ता से बाहर रहने का जिक्र करते हुए राहुल के राजनीतिक ज्ञान पर सवाल उठाए।
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बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से चुनावी व्यवस्था और एंटी-इन्कंबेंसी को लेकर दिए गए बयानों पर भाजपा ने पलटवार किया है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके द्वारा पेश की गई जानकारी का स्रोत और आधार स्पष्ट नहीं है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुधांशु त्रिवेदी ने राहुल गांधी के राजनीतिक ज्ञान पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी भारतीय राजनीति के इतिहास और अलग-अलग राज्यों में कांग्रेस के सत्ता में रहने के रिकॉर्ड को ठीक से नहीं समझते।

'राहुल गांधी का राजनीतिक ज्ञान शून्य'
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि राहुल गांधी ने एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीपीटी के जरिए अपनी बात रखी, लेकिन इसमें जिन स्रोतों और रिपोर्टों का इस्तेमाल किया गया, उनका आधार स्पष्ट नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये ऐसे स्रोत हैं, जिनकी विश्वसनीयता और पहचान को लेकर सवाल हैं। भाजपा नेता ने कहा कि राहुल गांधी को भारतीय राजनीति की वास्तविकता को समझने की जरूरत है। उन्होंने कांग्रेस के अलग-अलग राज्यों में सत्ता में रहने के इतिहास का जिक्र करते हुए राहुल गांधी के एंटी-इन्कंबेंसी वाले तर्क पर सवाल उठाया।
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तमिलनाडु से बंगाल तक कांग्रेस के सत्ता रिकॉर्ड का जिक्र
त्रिवेदी ने कहा कि तमिलनाडु में 1967 के बाद से कांग्रेस सत्ता में नहीं आई है। उस समय भारतीय जनता पार्टी का अस्तित्व भी नहीं था। पश्चिम बंगाल में 1977 के बाद कांग्रेस सरकार नहीं बनी। 1977 में राज्य में लेफ्ट फ्रंट सत्ता में आया और लंबे समय तक शासन किया।

उन्होंने बिहार, उत्तर प्रदेश और ओडिशा का भी उदाहरण देते हुए कहा कि इन राज्यों में भी लंबे समय से कांग्रेस सत्ता से बाहर रही है। त्रिवेदी ने इन्हीं उदाहरणों के आधार पर राहुल गांधी के एंटी-इन्कंबेंसी संबंधी बयान पर सवाल उठाया।



'पारदर्शी चुनाव आने के बाद कांग्रेस को सत्ता में आने में दिक्कत'
सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि एक समय चुनाव प्रक्रिया में कई तरह की अनियमितताओं की खबरें सामने आती थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में बूथ कैप्चरिंग, मतपेटियों की लूट और हिंसा जैसी घटनाएं होती थीं। उन्होंने कहा कि आज चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है, सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल होता है और स्वतंत्र मीडिया भी मौजूद है। भाजपा नेता ने दावा किया कि ऐसी व्यवस्था आने के बाद कांग्रेस के लिए सत्ता में वापस आना मुश्किल हुआ है।
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एंटी-इन्कंबेंसी पर राहुल गांधी के बयान को लेकर निशाना
राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि एंटी-इन्कंबेंसी भारत में एक मजबूत राजनीतिक प्रवृत्ति है और इससे कोई सरकार लंबे समय तक नहीं बच सकती। उन्होंने भाजपा के कई राज्यों में लगातार चुनावी जीत का जिक्र करते हुए सवाल उठाया था कि वहां एंटी-इन्कंबेंसी खत्म कैसे हो जाती है। इसके जवाब में सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि एंटी-इन्कंबेंसी का इतिहास कांग्रेस के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कई राज्यों में लंबे समय से सत्ता में वापस नहीं आ सकी है। उनके मुताबिक, इसलिए राहुल गांधी का यह तर्क भारतीय राजनीति की पूरी तस्वीर को नहीं दर्शाता।

त्रिवेदी ने पुराने चुनावी दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय कई जगहों पर बूथ कैप्चरिंग, मतपेटियां लूटने और चुनावी हिंसा की घटनाएं होती थीं। उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाएं आम थीं। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि उस दौर में कांग्रेस लंबे समय तक सत्ता में रही और एंटी-इन्कंबेंसी का प्रभाव वैसा नहीं दिखा, जैसा राहुल गांधी आज बता रहे हैं।
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