पिछले साल बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान भाजपा के केंद्रीय मुख्यालय ने करीब 26.7 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इनमें जेपी नड्डा, योगी आदित्यनाथ और राजनाथ सिंह जैसे स्टार प्रचारकों के चार्टर्ड विमानों के किराए पर खर्च किए गए 24.07 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।
इसके इतर पार्टी की राज्य इकाई ने स्टार प्रचारकों के लिए हेलिकॉप्टर व टैक्सी आदि पर महज 1.5 करोड़ रुपये ही खर्च किए, जबकि राज्य स्तर के नेताओं को प्रचार के लिए महज 45.6 लाख रुपये का खर्च दिया गया। भाजपा की तरफ से मार्च में दाखिल किया गया चुनाव खर्च का यह ब्योरा भारतीय निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को सार्वजनिक किया।
निर्वाचन आयोग की तरफ से जारी डाटा के मुताबिक, चुनावी अवधि के दौरान भाजपा की बिहार इकाई का सकल खर्च लगभग 28 करोड़ रुपये था, जबकि पार्टी उम्मीदवारों को वित्तीय सहायता देने के लिए कुल 16.5 करोड़ रुपये खर्च किए गए यानी हर उम्मीदवार को लगभग 15 लाख रुपये मिले।
विधानसभा चुनाव की घोषणा और समापन के बीच भाजपा के केंद्रीय मुख्यालय और राज्य इकाई ने करीब 71.73 करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि इस दौरान पार्टी को महज 35.83 करोड़ रुपया चंदे व अन्य तरीकों से हासिल हुआ।
इन चुनावों के दौरान केंद्रीय व राज्य संगठन इकाई की तरफ से मिलकर करीब 71.73 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनमें हर उम्मीदवार के लिए चुनाव आयोग की तरफ से तय 30.8 लाख रुपये की खर्च सीमा से इतर पार्टी की तरफ से खर्चे गए 43.84 लाख रुपये भी शामिल हैं। बता दें कि पार्टियों के लिए प्रचार खर्च की कोई सीमा तय नहीं है।
गूगल को भी दिए 1.59 करोड़ रुपये
भाजपा की बिहार इकाई ने मीडिया को चुनावों के दौरान 16 करोड़ रुपये के विज्ञापन दिए, जिनमें 1.59 करोड़ रुपये अकेले गूगल इंडिया के खाते में गए थे। भाजपा ने 71.73 करोड़ रुपये के कुल खर्च में से 54.7 करोड़ रुपये केवल विभिन्न तरीकों से प्रचार में ही खर्च किए थे, जिनमें विज्ञापनों से लेकर नेताओं के प्रचार अभियान तक शामिल हैं।