भाजपा की दक्षिण बंगलूरू इकाई की ओर से सोमवार को शुरू की गई 'धर्मस्थल चलो यात्रा' में कार्यकर्ताओं और नेताओं की भारी भीड़ उमड़ी। यह यात्रा 'धर्मदा उलिविगे धर्म युद्ध' (धर्म की रक्षा के लिए एक पवित्र युद्ध) के बैनर तले प्रसिद्ध मंदिर नगरी की ओर रवाना हुई। जयनगर विधायक सीके राममूर्ति के नेतृत्व में यह यात्रा जयनगर चतुर्थ ब्लॉक स्थित श्री विनायक मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ शुरू हुई। बंगलूरू दक्षिण से सांसद तेजस्वी सूर्या और बसवनगुडी विधायक रवि सुब्रमण्यम ने यात्रा को हरी झंडी दिखाई।
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सूर्या ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, 'आज लिंक रोड जंक्शन, नाइस रोड पर भाजपा बंगलूरू दक्षिण इकाई की धर्मस्थल चलो यात्रा के शुभारंभ में भाग लिया। श्री क्षेत्र धर्मस्थल, एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक केंद्र जो हमारी धरती का गौरव है, अब एक संगठित साजिश का शिकार है।' उन्होंने कहा कि भाजपा धर्मस्थल के पवित्र मंदिर के खिलाफ फैलाए जा रहे झूठे प्रचार की स्पष्ट रूप से निंदा करती है। उन्होंने कहा, 'हम मंदिर और उसके प्रशासन के खिलाफ रची गई बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए सीबीआई जांच की मांग करते हैं। इस उद्घाटन के दौरान हमारे साथ हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए।'
उमेश शेट्टी भी इस यात्रा में शामिल हुए
भाजपा की बंगलूरू दक्षिण जिला इकाई के उपाध्यक्ष उमेश शेट्टी भी इस यात्रा में शामिल हुए। दक्षिण कन्नड़ जिले के मंदिरों के शहर धर्मस्थल पहुंचने के बाद नेता भगवान मंजूनाथ स्वामी मंदिर तक एक किलोमीटर पैदल चलकर पूजा-अर्चना करेंगे और मंदिर के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े से मिलकर पवित्र मंदिर के प्रति भाजपा का पूर्ण समर्थन व्यक्त करेंगे।
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धर्मस्थल में कुछ समय के दौरान कई शवों को दफनाने का दावा
यह यात्रा उस विवाद के बीच हो रही है, जो एक शिकायतकर्ता ने धर्मस्थल में कुछ समय के दौरान कई शवों को दफनाने का दावा किया था। इनमें यौन उत्पीड़न के निशान वाली महिलाओं के शव भी शामिल थे। शिकायतकर्ता की बाद में पहचान सीएन चिन्नैया के रूप में हुई थी और जिसे झूठे तथ्य पेश करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
आरोप के निशाने पर स्थानीय मंदिर के प्रशासक थे
इस आरोप के निशाने पर स्थानीय मंदिर के प्रशासक थे। भाजपा ने मंदिर को निशाना बनाने का विरोध किया था। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी शिकायत झूठी होने पर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। मंदिर के धर्माधिकारी वीरेंद्र हेगड़े ने भी एसआईटी के गठन का स्वागत किया था।