गणतंत्र दिवस समारोह में राहुल गांधी को छठी पंक्ति में सीट दिए जाने पर कांग्रेस की आपत्ति को भाजपा ने खारिज कर दिया है।
पार्टी ने कहा,
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल खुद को सुपर वीवीआईपी मानते हैं और सबसे आगे रखना चाहते हैं। जबकि राहुल को प्रोटोकॉल के तहत सीट दी गई थी।
भाजपा ने हैरानी जताई कि कांग्रेस इसे लेकर विवाद खड़ा कर रही है। कांग्रेस के शासनकाल में भाजपा नेताओं के साथ ऐसा ही बर्ताव किया जाता था लेकिन उन्होंने कभी इसे मुद्दा नहीं बनाया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा परंपरा को परे रखकर ओछी राजनीति कर रही है।
भाजपा के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा, यह उस पार्टी का व्यवहार नहीं हो सकता, जो 133 साल का शानदार इतिहास होने का दावा करती है।
जब कांग्रेस सत्ता में थी तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्षों और राजनाथ सिंह जैसे नेताओं के साथ इसी तरह का व्यवहार किया गया। हमने कभी इसे मुद्दा नहीं बनाया। हमने लोकतंत्र की भावना के तरह लिया।
जीवीएल ने कहा, देश में कांग्रेस का शासन नहीं है लेकिन राहुल गांधी को लगता है कि वह ‘सुपर वीवीआईपी’ हैं। नए भारत के लोग अपने नेताओं से यह उम्मीद नहीं रखते कि वह अपने कंधे पर वीवीआईपी का तमगा पहनें। समारोह में सीटों का आवंटन नियम और परंपरा के आधार पर होती है।
लोकतंत्र का कामकाज नियमों पर आधारित है ना कि व्यक्ति पर।
कांग्रेस का विरोध स्वस्थ राजनीति का परिचायक नहीं। कांग्रेस के इस रुख से साफ है कि वह कुलीन वर्ग के दबदबे में यकीन रखती है ना कि लोकतांत्रिक मूल्यों में।