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Karnataka: राज्यपाल की जगह CM को RDPR विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बनाए जाने पर विवाद, भाजपा ने की जमकर आलोचना

Fri, 29 Nov 2024 03:11 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक मंत्रिमंडल ने गुरुवार को एक विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसके अनुसार गडग में आरडीपीआर विश्वविद्यालय में राज्यपाल की जगह मुख्यमंत्री को कुलाधिपति के रूप में नियुक्त किया जाएगा।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया - फोटो : ANI
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विस्तार
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कर्नाटक में लगातार भाजपा और कांग्रेस के बीच तनातनी बनी हुई है। अब कर्नाटक राज्य ग्रामीण विकास और पंचायत राज (आरडीपीआर) विश्वविद्यालय के कुलाधिपति को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को राज्यपाल की जगह मुख्यमंत्री को कुलाधिपति बनाने के सरकार के कदम की निंदा की। साथ ही इसे उच्च शिक्षा प्रणाली को प्रदूषित करने का प्रयास करार दिया।

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'संवैधानिक व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश'
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि राज्यपाल की शक्तियों में कटौती की यह कोशिश संवैधानिक व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश है। 

यह है मामला
दरअसल, कर्नाटक मंत्रिमंडल ने गुरुवार को एक विधेयक को मंजूरी दे दी, जिसके अनुसार गडग में आरडीपीआर विश्वविद्यालय में राज्यपाल की जगह मुख्यमंत्री को कुलाधिपति के रूप में नियुक्त किया जाएगा। राज्यपाल कर्नाटक के सभी सार्वजनिक विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं। राज्यपाल थावरचंद गहलोत वर्तमान में इस पद पर हैं।

'शिक्षा में राजनीति को नहीं लाना चाहिए'
भाजपा नेता ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'इस अच्छे इरादे के साथ कि शिक्षा में राजनीति को नहीं लाना चाहिए और संविधान के अनुसार, राज्यपाल विश्वविद्यालयों का कुलाधिपति होता है। मगर, सीएम सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली सरकार, जो भ्रष्टाचारों से घिरी हुई है, अपनी मौजूदा शक्तियों का दुरुपयोग करके उच्च शिक्षा प्रणाली को प्रदूषित करने की कोशिश कर रही है।'
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राज्य सरकार का यह कदम बेहद निंदनीय: विजयेंद्र
उन्होंने कहा कि सरकार के इस कदम से ग्रामीण विकास अध्ययन के क्षेत्र में अनावश्यक राजनीतिक हस्तक्षेप को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने कहा, 'शुरू से ही राज्यपाल के प्रति अधीर रहने वाली कांग्रेस सरकार उन्हें सत्ता में कटौती करने के लिए दुश्मन के रूप में देखती है और यह संवैधानिक व्यवस्था को बिगाड़ने की साजिश है। राज्य सरकार का यह कदम बेहद निंदनीय है।'

कानून और संसदीय मामलों के मंत्री ने किया सरकार का बचाव
इससे पहले सितंबर में, कलबुर्गी में हुई कैबिनेट की बैठक में राज्यपाल से आरडीपीआर विश्वविद्यालय के कुलपति की नियुक्ति करने के अधिकार छीनने का फैसला किया गया था। कानून और संसदीय मामलों के मंत्री एच के पाटिल ने गुरुवार को सरकार के कदम का बचाव किया और कहा, 'यह विश्वविद्यालय को और सक्रिय बनाएगा और तुरंत निर्णय लिया जाएगा। यह व्यवस्था गुजरात और अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में है।'

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