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राहुल पर हमला और शिवराज के काम को बीजेपी ने बनाया हथियार, कांग्रेस ने कहा- नहीं चलेगी ‘जुमलेबाजी’

Sat, 24 Nov 2018 03:39 AM IST
अमित शर्मा, नई दिल्ली
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प्रियंका चतुर्वेदी
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मध्यप्रदेश में चुनाव अपने चरम पर है। सोमवार को यहां चुनाव प्रचार थम जाएगा और बुधवार 28 नवंबर को जनता नई सरकार चुनने के लिए वोट डालेगी। आखिरी दौर में चुनाव प्रचार आक्रामक हो गया है। भाजपा ने राहुल गांधी पर हमला करने और शिवराज सिंह की सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने की रणनीति बना रखी है। यही कारण है कि शुक्रवार को जब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और जबलपुर में चुनावी रैलियां कीं तो उन्होंने एक साथ दोनों मोर्चों पर जमकर हमला बोला। लेकिन कांग्रेस का कहना है कि भाजपा की यह ‘जुमलेबाजी’ इस बार कामयाब नहीं होने वाली।   
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कांग्रेस पर हमला करते हुए अमित शाह ने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत प्रहार भी किया और कहा कि राहुल गांधी को यह नहीं पता कि आलू जमीन के नीचे पैदा होता है या ऊपर। उनकी नजर में तो आलू फैक्ट्रियों में बनाये जाते हैं। वे पांच रबी-खरीफ की फसलों के नाम नहीं बता सकते। वहीं शिवराज सरकार के कामकाज को बताते हुए अमित शाह ने कहा कि शिवराज सरकार के शासनकाल में ही मध्यप्रदेश की विकास दर 10.8 फीसदी हो गयी जबकि कांग्रेस के समय यह नकारात्मक हो गयी थी। उन्होंने बताया कि शिवराज सरकार में एमपी का बजट 21,700 करोड़ रूपये से बढ़कर 1,85,900 करोड़ रुपये हो चुका है। प्रतिव्यक्ति आय 14 हजार रुपये से बढ़कर 72 हजार रुपये हो चुकी है। कृषि में विकास को वे शिवराज की सबसे बड़ी सफलता मानते हैं।
 
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काम नहीं आयेंगे भाजपा के हथकंडे

मध्यप्रदेश के प्रभारी विनय सहस्रबुद्धे कहते भी हैं कि वे चाहते थे कि कांग्रेस यह चुनाव उपलब्धियों और नाकामियों पर लड़ती। वह अपने काम बताती और विकास के अपने मॉडल को जनता के सामने रखती। सहस्रबुद्धे के मुताबिक, लेकिन चूंकि कांग्रेस के पास यह कुछ भी नहीं है, लिहाजा वह गाय, राम वन गमन पथ जैसे मुद्दे उठा रही है।

भाजपा की इस प्रचार शैली पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की सबसे मुखर प्रवक्ता बनकर उभरीं प्रियंका चतुर्वेदी कहती हैं कि जब अमित शाह शिवराज के कामकाज का बखान करते हैं उसी समय उन्हें यह भी बता देना चाहिए कि युवाओं को रोजगार के नाम पर व्यापम का भ्रष्टाचार मिलेगा या उन्हें पकौड़े तलने को कहा जायेगा। जब अमित शाह कृषि की तारीफ करते हैं तब उन्हें यह भी बताना चाहिए कि किसानों को या तो कर्ज में या पुलिस की गोली खाकर मरने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ता है। प्रियंका के मुताबिक मध्यप्रदेश में इस समय बदलाव की बयार बह रही है जिसे भाजपा महसूस नहीं कर पा रही है और मतगणना के दिन उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक जाएगी।           

 
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