मध्यप्रदेश में चुनाव अपने चरम पर है। सोमवार को यहां चुनाव प्रचार थम जाएगा और बुधवार 28 नवंबर को जनता नई सरकार चुनने के लिए वोट डालेगी। आखिरी दौर में चुनाव प्रचार आक्रामक हो गया है। भाजपा ने राहुल गांधी पर हमला करने और शिवराज सिंह की सरकार के कामकाज को जनता तक पहुंचाने की रणनीति बना रखी है। यही कारण है कि शुक्रवार को जब भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट और जबलपुर में चुनावी रैलियां कीं तो उन्होंने एक साथ दोनों मोर्चों पर जमकर हमला बोला। लेकिन कांग्रेस का कहना है कि भाजपा की यह ‘जुमलेबाजी’ इस बार कामयाब नहीं होने वाली।
कांग्रेस पर हमला करते हुए अमित शाह ने राहुल गांधी पर व्यक्तिगत प्रहार भी किया और कहा कि राहुल गांधी को यह नहीं पता कि आलू जमीन के नीचे पैदा होता है या ऊपर। उनकी नजर में तो आलू फैक्ट्रियों में बनाये जाते हैं। वे पांच रबी-खरीफ की फसलों के नाम नहीं बता सकते। वहीं शिवराज सरकार के कामकाज को बताते हुए अमित शाह ने कहा कि शिवराज सरकार के शासनकाल में ही मध्यप्रदेश की विकास दर 10.8 फीसदी हो गयी जबकि कांग्रेस के समय यह नकारात्मक हो गयी थी। उन्होंने बताया कि शिवराज सरकार में एमपी का बजट 21,700 करोड़ रूपये से बढ़कर 1,85,900 करोड़ रुपये हो चुका है। प्रतिव्यक्ति आय 14 हजार रुपये से बढ़कर 72 हजार रुपये हो चुकी है। कृषि में विकास को वे शिवराज की सबसे बड़ी सफलता मानते हैं।