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नोटबंदी के चार साल पूरे, कांग्रेस ने बताया काला दिन तो भाजपा ने गिनाए फायदे

Sun, 08 Nov 2020 04:25 PM IST
मुकेश कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नोटबंदी के चार साल पूरे
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नोटबंदी के चार साल पूरे हो गए हैं। इस कड़ी में भाजपा ने नोटबंदी के फायदे गिनाए हैं। भाजपा प्रवक्ता राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि नोटबंदी से देश की अर्थव्यवस्था को साफ-सुथरा बनाने में मदद मिली। इसके कारण अर्थव्यवस्था औपचारिक रूप से मजबूत हुई और बड़ी संख्या में गरीबों की मदद की गई।

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डिजिटल ट्रांजेक्शन को मिल रहा है बढ़ावा
चंद्रशेखर ने कहा कि नोटबंदी के बाद से डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिल रहा है। अक्तूबर 2020 के दौरान देश में 207.16 करोड़ डिजिटल ट्रांजेक्शन हुए। एनपीसीआई (NPCI) के मुताबिक, अब तक 3.86 लाख करोड़ रुपये के यूपीआई (UPI) ट्रांजेक्शन हो चुके हैं।

कांग्रेस ने नोटबंदी को बताया काला दिन
वहीं, दूसरी तरफ नोटबंदी के चार सार पूरे होने पर कांग्रेस ने केंद्र की मौजूदा मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने नोटबंदी को काला दिन बताया और सरकार से माफी मांगने को कहा है।
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पूंजीपतियों का लाखों करोड़ रुपय कर्ज माफ किया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने वीडियो ट्वीट में कहा, 'नोटबंदी पीएम की सोची समझी चाल थी ताकि आम जनता के पैसे से 'मोदी-मित्र' पूंजीपतियों का लाखों करोड़ रुपय कर्ज माफ किया जा सके। गलतफहमी में मत रहिए- गलती हुई नहीं, जानबूझकर की गई थी। इस राष्ट्रीय त्रासदी के चार साल पर आप भी अपनी आवाज बुलंद कीजिए।'
 
नोटबंदी से कालाधन का खात्मा हुआ
नोटबंदी के चार साल पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि इससे काले धन को कम करने में मदद मिली है, कर जमा करने में वृद्धि हुई है और पारदर्शिता बढ़ी है। ये परिणाम देश की प्रगति के लिए बहुत लाभकारी रहे हैं।'
 
8 नवंबर 2016 को हुई थी नोटबंदी
गौरतलब है कि आज ही के दिन साल 2016 (8 नवंबर 2016) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात आठ बजे ये एलान किया था कि रात 12 बजे से 1000 और 500 रुपये के नोट अब बंद हो जाएंगे यानी 1000 और 500 के नोट की कीमत कागज के टुकड़ों के बराबर होगी। 

ये था मकसद
बता दें मोदी सरकार ने नोटबंदी लाने की कई वजहें बताई थीं। इसमें कालेधन का खात्मा करना, सर्कुलेशन में मौजूद नकली नोटों को खत्म करना, आतंकवाद और नक्सल गतिविधियों पर लगाम कसने समेत कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा देना शामिल हैं। 

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