भाजपा ने रविवार को जारी अपने संकल्प पत्र में राष्ट्रीय सुरक्षा को भी शामिल किया है। भाजपा ने संकल्प पत्र में सैन्य समन्वय और दक्षता बढ़ाने के अपने प्रयासों का उल्लेख करते हुए लिखा है कि सैन्य थिएटर कमांड स्थापित करने की योजना बना रही है। पहली बार भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में थिएटर कमांड बनाने की बात कही है। इसके अलावा भाजपा ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की बात कही है। इसके अलावा बॉर्डर पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की बात घोषणा पत्र में कही गई है।
भाजपा ने अपने संकल्प पत्र के पृष्ठ संख्या 38 पर 'सुरक्षित भारत की मोदी की गारंटी' नाम से राष्ट्रीय सुरक्षा पर एक विशेष चैप्टर शामिल किया है। इसमें लिखा है कि पिछले दस सालों में भाजपा ने अपने देश और नागरिकों को आतंकवाद और नक्सलवाद के खतरों से बचाने के लिए स्पष्ट रुख अपनाया है। आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। हम आगे भी अपने देश और नागरिकों सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सुरक्षित और समृद्ध भारत मोदी की गारंटी है। इसी में तीसरे पॉइंट में भाजपा ने थिएटर कमांड बनाने की बात कही है। भाजपा ने लिखा है, "हमने बेहतर सैन्य समन्वय के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का पद स्थापित किया है। हम सेना के कुशल संचालन के लिए सैन्य थिएटर कमांड की स्थापना करेंगे।"
थिएटर कमांड बनाने के लिए राजनीतिक दलों को सहमति जरूरी
रिटायर्ड ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता कहते हैं कि पहली बार किसी राष्ट्रीय पार्टी ने अपने संकल्प पत्र में थिएटर कमांड बनाने की बात कही है। भाजपा इस पर विचार करने वाली पहली पार्टी है। वह कहते हैं कि सीडीएस की नियुक्ति भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में हुई और यह इसकी तरफ पहला कदम था। सरकार सैन्य थिएटर कमांड बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वह कहते हैं कि यह इतना आसान नहीं है, इसे बनाने में अभी समय लग सकता है। इसके लिए खाका तैयार किया जा रहा है। सभी बड़े देशों में थिएटर कमांड हैं और भारत भी इसी तरफ कदम बढ़ा रहा है। (रि.) ब्रिगेडियर अनिल गुप्ता के मुताबिक इसके लिए सभी राजनीतिक दलों को सहमति बनानी होगी, क्योंकि ये राष्ट्रीय सुरक्षा का सवाल है।
क्या है थिएटर कमांड?
साल 1999 में कारगिल युद्ध के बाद बनी समीक्षा समिति में कहा गया था कि भविष्य की सैन्य चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेना को इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड बनाने के बारे में सोचना चाहिए। 15 अगस्त 2019 को लाल किला से दिए स्वतंत्रता दिवस के भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था, युद्ध के दायरे और रूप-रंग बदल रहे हैं और जिस तरह टेक्नोलॉजी की भूमिका बढ़ रही है, उसकी वजह से भारत का काम टुकड़ों में सोचने से नहीं चलेगा और देश की पूरी सैन्यशक्ति को एकजुट होकर एक साथ आगे बढ़ना होगा। इसके बाद एकीकृत कमांड के लिए सीडीएस की नियुक्ति की दिशा में प्रगति हुई और जनवरी 2020 में जनरल बिपिन रावत को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया गया।
दिसंबर 2021 में एक हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस रावत की मृत्यु हो गई। इसके बाद एकीकृत कमांड बनाने के काम की गति रुक गई। इसके बाद काफी महीनों तक सीडीएस का पद खाली रहा और सितंबर 2022 में सीडीएस जनरल अनिल चौहान की नियुक्ति हुई। इसके बाद एक बार फिर गंभीरता से इस योजना पर काम शुरू हुआ।
थिएटर कमांड देश की तीनों सेनाओं और सैन्य बलों को एक साथ लाने का काम करेगा। चीन से बढ़ते तनाव को देखते हुए तीनों सेनाओं का यह तालमेल खासतौर पर इमरजेंसी के समय काम आएगा। इसके तहत थल सेना, वायु सेना और नौसेना के सभी संसाधनों का एक साथ इस्तेमाल होगा, ताकि खतरे की स्थिति में तीनों सेनाएं एक-दूसरे के क्षमताओं और संसाधनों का एक साथ कुशलतापूर्वक इस्तेमाल कर सकें। वहीं थिएटर कमांड बनने से तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ेगा, जिससे संसाधनों का बेहतर प्रयोग किया जा सकता है। नतीजा, सीधे तौर पर पैसों की बचत होगी। मौजूदा समय में देश में 15 लाख सैन्य बल है। थिएटर कमांड के गठन के बाद सैन्य बलों के आधुनिकीकरण का खर्च काफी हद तक घट जाएगा।
हर थिएटर कमांड के जिम्मे एक निश्चित इलाका होगा, जिसकी सुरक्षा उसके हाथ में होगी। फिलहाल भारत में तीन से चार थिएटर कमांड बनाने पर विचार किया जा रहा है और हर कमांड का नेतृत्व एक थ्री स्टार जनरल को सौंपने की बात की जा रही है।
आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस नीति
भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति बनाने की बात कही है। 'सुरक्षित भारत की मोदी की गारंटी' वाले चैप्टर में ही पहले पॉइंट में लिखा है, आतंकवाद का मुकाबला करने की दिशा में 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 की एयर स्ट्राइक हमारे प्रयास के ठोस उदाहरण हैं। हम आतंकवाद के सभी खतरों से देश और विदेश में भारतीय नागरिकों और हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सीमा पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर
इसके साथ ही तीसरे पॉइंट में सीमाओं पर मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास करने की बात कही गई है। इसमें लिखा है कि पिछली सरकारों की घोर उपेक्षा के परिणामस्वरूप सीमावर्ती क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर कमजोर था। हमने इस गंभीर गलती का सुधार करते हुए सड़क, रेलवे, टेलीकॉम टावर, ऑप्टिकल फाइबर केबल और बिजली नेटवर्क का निर्माण शुरू किया है। हम भारत-चीन, भारत-पाकिस्तान और भारत-म्यामांर सीमाओं पर मजबूत इंफ्रांस्ट्रक्चर का समयबद्ध विकास सुनिश्चित कराएंगे एवं टेक्नोलॉजी के उपयोग से फेंसिग को और अधिक स्मार्ट बनाएंगे।