भाजपा ने कहा है कि राहुल गांधी ने अपनी विदेश यात्रा के दौरान भारत का अपमान किया है और उन्हें अपने उन बयानों के लिए माफी मांगनी चाहिए। भाजपा का आरोप है कि राहुल गांधी ने विदेशी ताकतों को भारत में हस्तक्षेप करने के लिए आमंत्रित करने वाला बयान दिया है, और इस पर उन्हें माफी मांगनी पड़ेगी। पार्टी ने कहा है कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेस वार्ता में इन विवादित मुद्दों पर कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन जब तक वे अपने बयानों पर माफी नहीं मांगते, पार्टी उनका विरोध करती रहेगी।
भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने गुरुवार को कहा कि राहुल गांधी ने अपनी प्रेसवार्ता के दौरान अन्य विषयों पर बहुत कुछ बोला, लेकिन उन्होंने इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं की कि उन्होंने विदेशों में भारत का अपमान क्यों किया। उन्होंने इस बात पर भी कोई जवाब नहीं दिया कि उन्होंने विदेशी ताकतों से भारत में हस्तक्षेप करने की अपील क्यों की। उन्होंने कहा कि भाजपा राहुल गांधी के इन विवादित बयानों पर जनता को जागरूक करती रहेगी।
प्रसाद ने दावा किया कि दुनिया में भारत की खूब प्रशंसा हो रही है। भारत आने वाले अनेक राष्ट्राध्यक्षों ने देश की प्रशंसा की है, लेकिन कांग्रेस और राहुल गांधी को देश का विकास दिखाई नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने अपने बयानों में एक बार भी इस बात पर कोई टिप्पणी नहीं की जिसमें उन्होंने विदेशों से सहायता लेने की बात कही थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को आजकल चीन से ज्यादा प्यार हो गया है। उन्हें बताना चाहिए कि उन्हें चीन से इतना ज्यादा प्यार क्यों हो गया है। यह तब हो रहा है जबकि पूरी दुनिया में चीन की आक्रामक नीतियों के कारण उसकी आलोचना हो रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे दौर में राहुल गांधी के द्वारा चीन की प्रशंसा आश्चर्यचकित करने वाली है।
भाजपा ने क्यों किया ये हमला
भाजपा ने यह हमला राहुल गांधी के उस बयान के बाद किया, जिसमें उन्होंने कहा है कि सरकार अदाणी विवाद पर चर्चा से बचना चाहती है। यही कारण है कि उन्हें संसद में बोलने नहीं दिया जा रहा है। आज वे संसद पहुंचे थे, लेकिन हंगामा कर संसद ठप कर दी गई। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जब कल शुक्रवार को वे संसद पहुंचेंगे, उन्हें बोलने की अनुमति दी जाएगी।
राहुल गांधी ने कहा है कि उन्होंने अदाणी विवाद पर टिप्पणी की है और सरकार इस मुद्दे पर चर्चा से बचना चाहती है, यही कारण है कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उन पर हुए हमलों का वे संसद में ही जवाब देना चाहते हैं क्योंकि वे एक सांसद हैं और उनकी पहली जिम्मेदारी संसद के प्रति है। उन्होंने कहा कि संसद में बोलने के लिए उन्होंने स्पीकर ओम प्रकाश बिड़ला से मुलाकात भी की है