भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में पारित राजनीतिक प्रस्ताव में कहा है कि मतदाताओं के लिए आगामी लोकसभा चुनाव स्थिरता बनाम अस्थिरता में एक को चुनने का होगा, जिसमें एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा ईमानदार और साहसी नेतृत्व है तो दूसरी ओर अवसरवादी गठबंधन होगा जिसके नेता का कोई पता नहीं है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि पार्टी कार्यकर्ताओं को हाल ही हुए राज्य विधानसभा चुनावों से सही सबक लेना चाहिए। प्रस्ताव के बारे में केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों का गठबंधन केवल उनके मोदी से नफरत के आधार पर हो रहा है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि विपक्षी गठबंधन को चुनाव में जीत हासिल होती है तो इससे केवल अस्थिरता ही उत्पन्न होगी। इसके लिए चंद्रशेखर, एचडी देवगौड़ा और आईके गुजराल की पिछली गठबंधन सरकारों का उल्लेख किया गया। प्रसाद ने कहा कि ऐसे में देश को तय करना है कि उसे किस तरफ जाना है।