संसद के शीतकालीन सत्र के आयोजन में हो रही देरी पर भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। मंगलवार को जहां कांग्रेस ने भाजपा ने प्रमुख मुद्दों पर चर्चा से बचने के लिए सत्र के आयोजन में देरी का आरोप लगाया। वहीं भाजपा ने कहा कि बीते करीब साढ़े तीन सालों में कांग्रेस ही संसद में चर्चा से भागती रही है।
पढ़ें: हम कृष्ण व राम दोनों को मानते हैं, भाजपा हमको हिंदू ही नहीं मानतीः अखिलेश
पार्टी ने कांग्रेस उपाध्यक्ष की इस लोकसभा में महज 56 फीसदी उपस्थिति पर भी सवाल खड़े किए और याद दिलाया कि इंदिरा गांधी और चंद्रशेखर के कार्यकाल में तो एक बार शीत सत्र की बैठक क्रिसमस के बाद बुलाई गई थी।
पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जीएसटी और नोटबंदी मामले में देश ने देखा कि कांग्रेस किस तरह संसद में चर्चा से भागती रही। सरकार और भाजपा हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। मगर सवाल है कि कांग्रेस के उपाध्यक्ष संसदीय कार्यवाही के प्रति कितने गंभीर हैं।
पढ़ें: कपिल सिब्बल ने कसा तंज, पीएम के खिलाफ आवाज उठाने वाले गंवा देंगे अपनी उंगली
बीते लोकसभा में जहां उनकी उपस्थिति महज 44 फीसदी थी, वहीं इस लोकसभा उनकी उपस्थिति महज 56 फीसदी है। प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस को यह भी याद रखना चाहिए कि शीत सत्र में देरी महज इस बार नहीं हो रही। कांग्रेस के कार्यकाल में कई बार ऐसा हुआ है। यहां तक कि इंदिरा के कार्यकाल मे तो एक बार शीत सत्र का आयोजन क्रिसमस के बाद हुआ था।
कांग्रेस के सवाल पर बीजेपी का पलटवार
Amit Shah
- फोटो : reuters
विधानसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा सेना के हेलीकॉप्टरों के इस्तेमाल पर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवाल पर भाजपा ने पलटवार किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जब इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और मनमोहन सिंह चुनाव प्रचार के लिए सेना के हेलीकॉप्टर से प्रचार करते थे तब कांग्रेस ने ऐसा ही सवाल क्यों नहीं उठाया।
उन्होंने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई उस व्यवस्था की भी याद दिलाई जिसमें कहा गया था कि चूंकि पीएम की सुरक्षा एसपीजी करती है, इसलिए सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर पीएम चुनाव प्रचार के दौरान भी सेना के हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर का प्रयोग कर सकते हैं।
प्रसाद ने कहा कि तथ्यों की छानबीन किए बिना तथ्यहीन आरोप लगाना कांग्रेस की आदत है। इंदिरा ने प्रधानमंत्री रहते 16 साल, राजीव ने 5 साल और मनमोहन ने 10 साल तक चुनाव प्रचार में सेना के हेलीकॉप्टर का प्रयोग किया। मगर तब कांग्रेस चुप रही।
प्रसाद ने कहा कि इंदिरा के कार्यकाल में तत्कालीन जनसंघ सहित कई विपक्षी दलों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। तब सुप्रीम कोर्ट ने भी पीएम की सुरक्षा का हवाला देते हुए इसे उचित ठहराया था। प्रसाद ने कहा कि चूंकि अब मामला पीएम मोदी का है, इसलिए कांग्रेस अपने अतीत को खंगाले बिना खोखले आरोप लगा रही है।