कांग्रेस ने रविवार को कहा कि झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के घोषणापत्र से यह स्पष्ट है कि उसका एकमात्र चुनावी मुद्दा ध्रुवीकरण और सांप्रदायिक वायरस को फैलाना है। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधा है।
झारखंड में विधानसभा चुनाव से पहले राजनेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वहीं आज भाजपा की तरफ से अपना घोषणापत्र जारी किए जाने के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आज घोषणापत्र जारी करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की भाषा से यह स्पष्ट है कि भाजपा चुनावों के दौरान केवल धर्म के नाम पर कट्टरता, पूर्वाग्रह और घृणा फैलाने पर निर्भर करेगी। रमेश ने यह भी कहा कि भाजपा जाति जनगणना और राज्य के विकास को सुनिश्चित करने की केंद्र सरकार की जिम्मेदारियों के मुद्दों पर चुप है।
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'भाजपा के पास केवल एक चुनावी मुद्दा'
कांग्रेस नेता ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, झारखंड के लिए आज जारी घोषणापत्र से यह स्पष्ट है कि भाजपा के पास केवल एक चुनावी मुद्दा है: ध्रुवीकरण और सांप्रदायिक वायरस का प्रसार। घोषणापत्र जारी करने वाले केंद्रीय गृह मंत्री और उसके अभियान प्रभारी - असम के मुख्यमंत्री - की भाषा से यह स्पष्ट है कि राज्य में जेएमएम-कांग्रेस सरकार की बेहद लोकप्रिय और प्रभावशाली योजनाओं का भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है।
वोट मांगने से पहले राज्य के बकाए का हिसाब दें भाजपा
इससे पहले एक अन्य पोस्ट में, रमेश ने कहा कि भाजपा को लोगों से वोट मांगने से पहले झारखंड को लंबित कोयला रॉयल्टी के रूप में 1.36 लाख करोड़ रुपये जारी करने में देरी का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने पूछा, गैर-जैविक पीएम की सरकार ने कोयला रॉयल्टी के कारण झारखंड सरकार को बकाया 1.36 लाख करोड़ रुपये देने से इनकार क्यों किया?।
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'क्या झारखंड के साथ इसलिए हो रहा सौतेला व्यवहार?'
उन्होंने दावा किया कि झारखंड में कोयला खदानें कोल इंडिया लिमिटेड की सहायक कंपनियों की तरफ से संचालित की जाती हैं, जिन पर राज्य सरकार का बहुत बड़ा बकाया है। भूमि का भुगतान न करने के लिए 1,01,142 करोड़ रुपये बकाया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि झारखंड भाजपा की झारखंड इकाई राज्य के लिए धन जुटाने में क्यों विफल रही और प्रधानमंत्री इस पर चुप क्यों हैं। जयराम रमेश ने कहा, गैर-जैविक प्रधानमंत्री इन निधियों को जारी करने में क्यों विफल रहे? क्या झारखंड के साथ जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन को वोट देने के लिए सौतेला व्यवहार किया जा रहा है? कांग्रेस नेता ने कहा, झारखंड के लोगों से एक भी वोट मांगने से पहले, भाजपा को राज्य को 1.36 लाख करोड़ रुपये जारी करने में हुई देरी का हिसाब देना चाहिए।