पूर्वोत्तर राज्य मिजोरम में पहली बार राज्य की 40 में 39 सीटों पर चुनाव लड़ रही भाजपा की उम्मीदें अल्पसंख्यकों पर टिकी हैं। राज्य की कम से कम 11 सीटों पर इन जनजातियों के वोट निर्णायक हैं। यही वजह है कि पार्टी राज्य की चकमा, मारा और ब्रू जनजातियों की आबादी वाले इलाकों में प्रचार पर खास ध्यान दे रही है। शुक्रवार को यहां आए पार्टी के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राज्य के स्वायत्त जिला परिषद इलाकों में तीन रैलियों को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा के सत्ता में आने पर संविधान संशोधन के जरिए इन परिषदों को और ज्यादा स्वायत्तता देने का भी वादा किया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष जे.वी.लूना मानते हैं कि पार्टी अबकी अल्पसंख्यकों के समर्थन पर निर्भर है। लुंहलेई जिले से सटे टुइचांग व पश्चिम टुईपुई सीटों पर चकमा वोटर निर्णायक हैं। इसी तरह थोरांग व कोलासिब सीटों पर भी उनकी महत्वपूर्ण मौजूदगी है। भाजपा नेता त्रिपुरा स्थित ब्रू शरणार्थियों के शिविरों में भी कल से प्रचार करेंगे। इससे पहले त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब राज्य के मामित जिले में स्थित चकमा स्वायत्त जिला परिषद इलाके का दौरा वहां कई जनसभाएं संबोधित कर चुके हैं। उनके अलावा त्रिपुरा की सामाजिक कल्याण मंत्री सांत्वना चकमा भी तीन विधायकों के साथ पश्चिम मिजोरम में भाजपा के समर्थन में चुनाव प्रचार कर रही हैं।