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Pahalgam: पाकिस्तान से पहले विपक्ष से टकराव, संकट में सुरक्षा पर मतभेद!

Mon, 28 Apr 2025 07:39 PM IST
शिव शुक्ला डिजिटल ब्यूरो, नई दिल्ली
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पहलगाम आतंकी हमला - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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देश की राजनीति संकट के समय हमेशा एकजुट रही है। लेकिन पहलगाम हमले के मामले में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच अविश्वास का एक संकट खड़ा होता दिखाई दे रहा है। कई राजनीतिक दलों ने सरकार की खामियों पर सवाल खड़े किए हैं। इसे देखते हुए भाजपा ने कांग्रेस सहित विपक्ष के कई दलों पर यह आरोप लगाया है कि जब संकट के समय पूरे देश को एकजुट होने की आवश्यकता है, विपक्ष 'आपदा में अवसर' की तलाश कर रहा है। हालांकि, कांग्रेस ने सरकार के साथ खड़े रहने की बात कही है और आपत्तिजनक बयानबाजियों को उन नेताओं की व्यक्तिगत राय कहकर खारिज कर दिया है। 

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पहलगाम में 22 अप्रैल को पर्यटकों पर हमला हुआ। इसके बाद कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दलों ने इसकी कड़ी भर्त्सना की। सभी दलों ने इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने पर सरकार के साथ खड़े रहने की बात कही। स्वयं राहुल गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी पूरी तरह सरकार के साथ खड़ी है, लेकिन कुछ ही समय बाद विपक्ष के कुछ नेताओं ने पर्यटकों की सुरक्षा में बरती गई लापरवाही का मामला उठाते हुए इसके लिए केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने पाकिस्तान के साथ युद्ध की बजाय बातचीत करने की बात कही। रॉबर्ट वाड्रा ने आतंकी हमले के लिए मुसलमानों के द्वारा खुद को असुरक्षित समझे जाने का कारण बताया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आतंकी हमले में मारे गए एक व्यक्ति के परिवार के साथ उनका कोई संबंध न होने की बात कह दी। कुछ दलों ने इस हमले को बिहार चुनाव से जोड़ने का काम भी किया है। भाजपा का आरोप है कि पाकिस्तान ने इन नेताओं की बयानबाजी को अपने पक्ष में भुनाने के लिए इस्तेमाल किया।   

ऐसी बयानबाजी का क्या होता है नुकसान
केंद्र सरकार ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि पहलगाम हमले के मुद्दे पर उसकी क्या रणनीति रहेगी, लेकिन जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तेवर दिखाए हैं, माना जा रहा है कि सरकार कोई ठोस कार्रवाई कर सकती है। इसमें सीमा पार आतंकी कैंपों पर कार्रवाई भी शामिल हो सकती है जैसा कि पुलवामा हमले के बाद किया गया था। ऐसे अवसरों पर भारत को अपनी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नैतिक रूप से सही साबित करने का दबाव भी होता है। 
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लेकिन यदि आंतरिक स्तर पर मतभेद के कारण बयानबाजी होती है तो पाकिस्तान इसका लाभ उठा सकता है। वह पहले ही भारत के कुछ नेताओं-यूट्यूबरों के वीडियो को अपने यहां प्रसारित कर इसका लाभ उठाने की कोशिश कर रहा है। बढ़ती बयानबाजी से सरकार की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सरकार ऐसी स्थिति से बचने का प्रयास कर रही है।



वोटों की राजनीति न हो- भाजपा 
भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर भी वोटों की राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जिस समय दुनिया के सभी देश भारत के साथ खड़े हैं। वे हमारी बात का समर्थन कर रहे हैं और आतंकी हमले के अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का समर्थन कर रहे हैं। ऐसे समय में विपक्ष इसमें मीन मेख निकालने का काम कर रहा है जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि 26 नवंबर के मुंबई हमले के दौरान भाजपा ने तत्कालीन केंद्र सरकार के साथ पूरी तरह प्रतिबद्धता जताई थी। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक का समय नहीं है। 

रविशंकर प्रसाद ने इस बात की आशंका जताई कि कुछ राजनीतिक दल सामने से सरकार के साथ खड़े रहने की बात कहते हैं, लेकिन अपने ही दूसरे नेताओं से सरकार को कटघरे में खड़े करने का काम भी करते हैं। प्रसाद के अनुसार, यह उनकी सोची-समझी रणनीति का परिणाम है, लेकिन यह उचित नहीं है।   

पाकिस्तान को मिले करारा जवाब- कांग्रेस
कांग्रेस प्रवक्ता डॉली शर्मा ने अमर उजाला से कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह सरकार के साथ खड़ी है। इस तरह की कायराना आतंकी हरकतें करके पाकिस्तान भारत को नुकसान पहुंचाना चाहता है। लेकिन अब इसे और अधिक बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाना आवश्यक है क्योंकि वह केवल उसी भाषा को समझता है। यदि सरकार पाकिस्तान के खिलाफ कठोर कार्रवाई करती है तो कांग्रेस पार्टी पूरी तरह सरकार के साथ खड़ी है। 

डॉली शर्मा ने कहा कि कांग्रेस का एक लंबा इतिहास रहा है। उनकी पार्टी की सरकारों ने देश की तरफ बुरी निगाह रखने वाले लोगों-देशों को उनके उचित परिणाम तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि उनके सबसे बड़े नेता राहुल गांधी ने खुलकर यह साफ कर दिया है कि सरकार जो भी कार्रवाई करेगी, कांग्रेस  पार्टी सरकार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि इसके बाद कहने के लिए कुछ शेष नहीं रह जाता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार के साथ- सपा        
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मोहम्मद आजम खान ने अमर उजाला से कहा कि मुलायम सिंह यादव के समय से ही समाजवादी पार्टी राष्ट्रीय महत्त्व के मुद्दों को राजनीति से अलग रखती आई है। स्व. मुलायम सिंह यादव के साथ-साथ अखिलेश यादव भी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर हमेशा सरकार के साथ खड़े रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को आतंकियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।   

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