फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Maharashtra Polls: चुनाव से पहले भाजपा को झटका; बाला भेगड़े ने पार्टी छोड़ी, मावल से टिकट न मिलने पर नाराजगी

Thu, 24 Oct 2024 01:55 AM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

Maharashtra Polls: पुणे जिले के मावल सीट से महायुति सहयोगी दल एनसीपी ने मौजूदा विधायक सुनील शेलके को उम्मीदवार बनाया। जिसको लेकर भाजपा नेता बाला भेगड़े ने बगावत करते हुए पार्टी को छोड़ने का एलान कर दिया।
विज्ञापन
बाला भेगड़े - फोटो : एक्स@BalaBhegade
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

महाराष्ट्र में होने वाले विधानसभा चुनाव में अब एक महीने से भी कम का समय शेष रह गया है। राजनीतिक पार्टियों ने अपने-अपने उम्मीदवारों के नाम पर दांव खेलना भी शुरू कर दिया है। इसी बीच भाजपा को बड़ा झटका लगा है। जहां महायुति सहयोगी एनसीपी के द्वारा पुणे जिले के मावल विधानसभा क्षेत्र से मौजूदा विधायक सुनील शेलके की उम्मीदवारी की घोषणा करने के कुछ ही देर बाद भाजपा नेता और पूर्व राज्य मंत्री बाला भेगड़े ने पार्टी से इस्तीफा देने की घोषणा की। बता दें कि इस सीट से मौजूदा विधायक शेलके ने 2019 में भाजपा के पूर्व विधायक बाला भेगड़े को हराया था।
विज्ञापन


बापूसाहेब भेगड़े का करेंगे समर्थन 
बाला भेगड़े ने पार्टी छोड़ने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि उन्होंने और उनके समर्थकों ने अपने इस्तीफे की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि वे बापू भेगड़े का समर्थन करेंगे और शेलके को हराने के लिए काम करेंगे। बता दें कि राकांपा के राज्य उपाध्यक्ष बापूसाहेब भेगड़े ने भी बगावत करते हुए पार्टी छोड़ दिया, जिसके बाद उन्होंने कहा कि वह 20 नवंबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।

मावल सीट से टिकट मिलने की थी उम्मीद
पूर्व विधायक बापू भेगड़े ने कहा कि उन्हें अजित पवार के नेतृत्व वाली राकांपा से टिकट मिलने का भरोसा था, लेकिन वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा मैंने चुनाव लड़ने का फैसला किया है क्योंकि पार्टी ने मुझे टिकट देने का आश्वासन दिया था।
विज्ञापन


गौरतलब है कि 2019 में जब भाजपा ने बाला भेगड़े को अपना उम्मीदवार बनाया था, तब शेलके जो भाजपा के साथ थे लेकिन उन्होंने बगावत कर एकजुट वाली एनसीपी में शामिल हो गए थे और सीट जीत गए थे। अब शेलके को महायुति गठबंधन से उम्मीदवारी मिलने के बाद बापू भेगड़े ने बगावत कर दी है। 
विज्ञापन


विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें