राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के कट्टर राष्ट्रवाद के बयान पर भाजपा ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उसने पूछा है कि कांग्रेस को बताना चाहिए कि उसकी राष्ट्रवाद की परिभाषा क्या है। क्या वह नरेंद्र मोदी सरकार के पाकिस्तान पर किये गए सर्जिकल स्ट्राइक को वह राष्ट्रवाद का प्रतीक नहीं मानती। भाजपा ने कहा कि आज पूरी दुनिया में भारत का नाम हो रहा है। क्या यह कांग्रेस के राष्ट्रवाद की परिभाषा में आता है या नहीं?
भाजपा की यह टिप्पणी गहलोत के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने कट्टर राष्ट्रवाद के पीछे छिपकर चुनाव में जीत हासिल की है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि लोकतंत्र में चुनाव जनता के दिल को जीतकर जीते जाते हैं। चुनाव में हार मिलने के बाद कांग्रेस कभी ईवीएम को दोषी ठहराती है तो कभी किसी अन्य बहाने से अपनी गलती छिपाती रहती है। उसे सच्चाई का सामना करना सीखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपनी इज्जत 'टुकड़े-टुकड़े गैंग' के साथ खड़े होकर गंवाई है और इसके लिए उसे किसी दूसरे को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए। अशोक गहलोत ने लोकसभा चुनाव में हुई हार को भी राहुल गांधी की हार मानने से अस्वीकार कर दिया। इस पर टिप्पणी करते हुए भाजपा नेता पात्रा ने कहा कि यह कांग्रेस की आत्ममुग्धता की पराकाष्ठा है।
देश के इतिहास में कांग्रेस को लगातार दो बार संसद का मुख्य विपक्षी दल बनने के योग्य सीटें भी नहीं मिली हैं। इसके बाद भी वह इसे अपने नेता की हार मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि इसके पूर्व कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने चुनाव परिणाम को नरेंद्र मोदी की जीत और देश की हार बताया था। यह बेहद शर्मनाक है कि कांग्रेस नेता अभी भी जनमत का सम्मान करना नहीं सीख रहे हैं।