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यूपी चुनाव: BJP ने अगड़ी-चुनिंदा पिछड़ी जातियों पर लगाया दांव

Mon, 23 Jan 2017 05:01 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के तीन दिन बाद लंबी माथापच्ची और बैठकों के दौर के बीच भाजपा ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 155 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। पहली सूची की तरह दूसरी सूची में भी एक भी मुसलमान नहीं हैं। पार्टी ने इसके बदले अपना ध्यान पिछड़ा वर्ग में शामिल चुनिंदा जातियों पर केंद्रित किया है। इसके अलावा पार्टी ने स्वघोषित मापदंड से किनारा करते हुए दूसरी सूची में भी नेताओं के रिश्तेदारों और बाहर से आए नेताओं को खुल कर उपकृत करने से परहजे नहीं बरता है। 
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गृह मंत्री राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह को नोएडा की विधायक विमला बाथम की जगह टिकट दी गई है। पहले उन्हें साहिबाबाद से लड़ाने की चर्चा थी। इसके अलावा सूची में सांसद हुकुम सिंह की बेटी, सांसद सर्वेश सिंह के बेटे, कल्याण सिंह की बहू, गांधी परिवार के करीबी रहे संजय सिंह की पत्नी गरिमा सिंह और बसपा से भाजपा मेंआए स्वामी प्रसाद मौर्य के पुत्र उत्कर्ष मौर्य को चुनाव मैदान में उतारा है। कांग्रेस से आई रीता बहुगुणा जोशी को लखनऊ कैंट तो बसपा से आए ब्रजेश पाठक को लखनऊ मध्य से उम्मीदवार बनाया है। इसके साथ ही भाजपा ने अब तक 304 उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं।

पहली सूची की तरह दूसरी सूची में भी भाजपा ने अपनी पूर्व की रणनीति के अनुरूप ही अगड़ी जातियों (राजपूत-ब्राह्मण-कायस्थ) के साथ चुनिंदा पिछड़ी जातियों (कुर्मी-कुशवाहा, लोध, जाट) पर दांव लगाया है। रविवार को जारी सूची में ढाई दर्जन ब्राह्मण और करीब इतने ही राजपूत-कायस्थ उम्मीदवार हैं। वैश्य बिरादरी को कुछ सीटें देने के अलावा पार्टी ने बाकी बचे टिकट इन्हीं चुनिंदा पिछड़ी जातियों को बांटे हैं। 
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उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक महज सांकेतिक तौर पर कुछ सीटों पर मुसलमानों को उतारने के बदले पार्टी ने अपना सारा ध्यान चुनिंदा पिछड़ी जातियों और अगड़ी जातियों पर केंद्रित किया है। चूंकि राज्य में पार्टी वर्षों से सत्ता में नहीं है। ऐसे में संगठन और बड़ा नेता न होने के कारण पार्टी ने दूसरे दलों के चुनिंदा नेताओं को तरजीह दिया है। खासबात यह है कि इन नेताओं को तरजीह दिए जाने में भी सामाजिक समीकरण का ध्यान रखा गया है।
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पंकज पर सस्पेंस खत्म

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह - फोटो : amar ujala
साहिबाबाद की जगह पार्टी ने राजनाथ सिंह के पुत्र पंकज सिंह को नोएडा से टिकट दे कर सस्पेंस खत्म तो कर दिया है, मगर इससे विवाद छिड़ने के आसार हैं। दरअसल इसके लिए पार्टी नेतृत्व को वर्तमान विधायक विमला बाथम का टिकट काटना पड़ा है। सूत्रों के मुताबिक साहिबाबाद सीट पर बसपा से निष्कासित और कांग्रेस में शामिल विधायक अमरपाल शर्मा के पार्टी में प्रवेश पर विवाद के बाद पंकज के लिए नई सीट तलाशी गई। चूंकि दूसरी सीट नोएडा पर पार्टी ने पिछले चुनाव में जीत हासिल की थी। ऐसे में वर्तमान विधायक का टिकट काट कर पार्टी नेतृत्व विवाद खड़ा करने से बचना चाहता था। गौरतलब है कि पहली सूची जारी होने के बाद पंकज के समर्थन और विरोध में प्रदर्शन हुए थे।
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मान गए स्वामी प्रसाद मौर्य
भाजपा ने बसपा से आए स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कर्ष मौर्य को ऊंचाहार से उम्मीदवार बनाया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसके अलावा इस सूची में उनके तीन समर्थकों को जगह दी गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि भाजपा ने मौर्य की नाराजगी दूर कर दी है। गौरतलब है कि अपने समर्थकों के लिए अधिक जगह न बनने की संभावना के कारण मौर्य न सिर्फ नाराज हो गए थे, बल्कि उन्होंने सपा से बातचीत भी शुरू कर दी थी।
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