बीते चार दिनों से जारी रूठने और मनाने की कवायद के बाद भाजपा ने हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया है। बताया जा रहा है कि नाराज चल रहे पार्टी के वरिष्ठ नेता शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल को साधने के बाद ही पार्टी ने उम्मीदवारों की सूची घोषित करने की हिम्मत जुटाई।
पार्टी के जरिए सूबे की सभी 68 सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर दिया गया है। जिसमें 6 महिलाओं को भी टिकट दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि नाराज चल रहे शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल से नड्डा की मुलाकात ने उम्मीदवारों के ऐलान की राह आसान बनाई। दोनों ही नेता नाराज बताए जा रहे थे।
भाजपा आलाकमान के इशारे के बाद नड्डा ने बुधवार सुबह पालमपुर पहुंचकर शांता कुमार के साथ नाश्ता किया और उसके बाद उन्होंने दोपहर का भोजन धूमल के साथ किया।
नाश्ता और भोजन के जरिए नड्डा ने पार्टी के दोनों वरिष्ठ नेताओं की नारजगी दूर की उसके बाद उन्होंने सूबे के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया। नड्डा चूंकि खुद पार्टी के केंद्रीय चुनाव समिति के सचिव हैं इसलिए उम्मीदवारों की सूची उन्हीं के जरिए जारी की गई।
उम्मीदवारों के ऐलान के बाद मुख्यमंत्री पद की रेस में धूमल आगे, पार्टी दे सकती है नेतृत्व का संकेत
भाजपा के जरिए धूमल को मैदान में उतारे जाने के साथ ही नेतृत्व को लेकर चल रहे सस्पेंस से परदा हट गया है। अब धूमल मुख्यमंत्री पद की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं।
सूत्र बताते हैं कि जल्द ही नेतृत्व के रूप में धूमल के नाम का संकेत जनता के बीच दे दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि धूमल की नाराजगी को देखते हुए भाजपा नेतृत्व ने यह निर्णय लिया है।
धूमल की नाराजगी पार्टी को मैदान पर भारी न पड़े इसलिए भाजपा आलाकमान ने ऐन वक्त पर जेपी नड्डा के नाम को पीछे खींचा है। वैसे धूमल ने अपनी उम्र का हवाला देते हुए भाजपा आलाकमान को यह च्वाइस भी दी है कि वे 75 वर्ष की उम्र पार करने के बाद स्वत: सूबे की कुर्सी छोड़ देंगे। वर्तमान में वे 73 वर्ष के बताए जा रहे हैं।
क्यों नाराज थे शांता और धूमल
शांता कुमार जहां अपने मनपसंद लोगों को उम्मीदवार ना बनाये जाने से नाराज थे। तो धूमल की नाराजगी बतौर मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित करने को लेकर थी। लेकिन भाजपा आलाकमान के निर्देश के बाद नड्डा ने प्रदेश के दोनों वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर उनकी नाराजगी को दूर करने का प्रयास किया है।
शांता कुमार के पंसद के दो उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। वे 3 सीट पर अपने पंसद के लोगों के लिए टिकट चाह रहे थे। धर्मशाला सीट से उनके पसंद के व्यक्ति किशन कपुर को पार्टी ने ऐन वक्त पर टिकट दिया है।
तो धूमल को सुजानपुर से मैदान में उतारकर भाजपा ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि सूबे में वे अब भी उसके चेहरा हैं। वैसे भी धूमल पीएम मोदी के खास माने जाते हैं। सूबे की राजनीति में उन्हें स्थापित कराने का श्रेय नरेंद्र मोदी को ही है। हिमाचल प्रदेश का प्रभारी रहते हुए मोदी ने शांता कुमार के मुकाबले धूमल को तरजीह दिया। तब से दोनों नेताओं के बीच रिश्ते बेहद गहरे हैं।