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आंध्र की अनदेखी के आरोपों को भाजपा ने किया खारिज, टीडीपी पर बोला सियासी हमला

Sat, 10 Feb 2018 10:49 PM IST
संजय मिश्र, नई दिल्ली
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जीवीएल नरसिंह राव
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आंध्र प्रदेश की सियासत यूपीए-दो के कार्यकाल के आखिरी वर्षों की तरह अब केंद्र की मौजूदा भाजपा सरकार के लिए भी भारी पड़ने लगी है। आगामी राज्य विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सूबे की दोनों बड़ी पार्टीयां तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) और वाईएसआर कांग्रेस (वाईएसआर) ने सूबे के पैकेज को लेकर भाजपा को घेरना शुरू कर दिया है। तो भाजपा ने भी अपना बचाव करते हुए सूबे की सत्ताधारी पार्टी पर सियासी हमला बोला है। भाजपा ने कहा है कि आंध्र प्रदेश के विकास के लिए केंद्र सरकार ने बहुत कुछ किया है। यह बात बेशक अलग है कि पार्टी इसका प्रचार नहीं चाहती है।
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सूबे के सियासी दलों के जरिए फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए भाजपा ने यहां दिल्ली में अपने प्रदेश अध्यक्ष के हरिबाबू और प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह राव को विशेष तौर से मोर्चे पर उतारा है। आंध्र के विकास में श्रेय लेने के लिए भाजपा भी मैदान में उतर आई है। सूबे की परियोजनाओं को धन मुहैया कराने और राज्य बंटवारे के बाद हुई वित्तिय घाटे की पूर्ति पर वित्त मंत्री अरूण जेटली ने शुक्रवार देर शाम को राज्य भाजपा के नेताओं संग लंबी मंत्रणा की। उसके बाद सरकार ने आंध्र प्रदेश पैकेज के हिस्से का 1269 करोड़ जारी करने का ऐलान किया। 

तेलगू देशम पर भाजपा पर सियासी हमला 

संसद में पीएम मोदी के जरिए तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) को आईना दिखाने के बाद अब भाजपा टीडीपी के खिलाफ आक्रामक हो गई है। टीडीपी पर सियासी हमले पहले प्रदेश भाजपा के नेताओं के जरिए होते रहे हैं। मगर यह पहला मौका है जब राज्य भाजपा के अध्यक्ष के साथ पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने केंद्रीय कार्यालय में प्रेसवार्ता कर टीडीपी पर सियासी हमला बोला है। शनिवार को भाजपा मुख्यालय में संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए आंध्र भाजपा अध्यक्ष एवं सांसद के हरिबाबू और राष्ट्रीय प्रवक्ता जीवीएल नरसिंह राव ने कहा कि कुछ दलों के जरिए यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि भाजपा ने आंध्र प्रदेश का विकास नहीं किया है।
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सियासी दलों के जरिए फैलाए जा रहे इस भ्रम को खारिज करते हुए दोनों भाजपा नेताओं ने कहा कि आंध्र प्रदेश के विकास को लेकर भाजपा पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होनें कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य के विकास को प्राथमिकता पर रखा है। टीडीपी और वाईएसआर के जरिए फैला जा रहे भ्रम को खारिज करते हुए हरि बाबू ने कहा कि विभाजन के बाद हुए आंध्र प्रदेश के वित्तीय घाटे, सूबे की विभिन्न परियोजनाओं और संस्थानों की स्थिति को लेकर शुक्रवार देर शाम वित्त मंत्री के निवास पर अहम बैठक हुई।

बाबू ने बताया कि 14वें वित्त आयोग के जरिए सूबे के वित्तिय घाटे को पूरा करने का निर्णय लिया गया है। पैकेज के रूप में स्वीकृत अन्य परियोजनाओं और संस्थानों पर भी चर्चा हुई है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वित्तीय घाटे की भरपाई के लिए अगले पांच वर्षों में आंध्र को 22,113 करोड़ रूपए दिए जाएंगे। जिसमें से 1269 करोड़ की राशि अभी जारी कर दी गई है। इसमें से 417.44 करोड़ रुपये पोल्लावरम परियोजना के लिए है। 

टीडीपी-भाजपा के रिश्ते पटरी पर आने के आसार नहीं 

सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार के जरिए 1269 करोड़ रूपए जारी किए जाने के बावजूद सूबे की सियासत में टीडीपी और भाजपा के रिश्ते मधुर होने के आसार नहीं है। टीडीपी सूत्रों की मानें तो उन्होंने अगला चुनाव अकेले लडऩे की रणनीति तैयार कर ली है। रणनीति के तहत ही टीडीपी इन दिनों भाजपा से दूरी बरतने की कवायद कर रही है। बजट पेशी के दिन से लेकर सत्र के प्रथम भाग के बचे दिनों में भी टीडीपी सांसदों ने सदन में सरकार के खिलाफ रूख अपनाए रखा।

टीडीपी का आंकलन है कि वाईएसआर कांग्रेस के साथ गठबंधन कर भाजपा सूबे में अपना आधार बढ़ाना चाहती है। यही वजह है कि टीडीपी ने अभी से भाजपा से दूरी बरतनी शुरू कर दी है। और केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करना शुरू कर दिया है। 
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