उन्होंने कहा, 'अगर कोई आपत्ति उठाते हुए निर्वाचन अधिकारी से संपर्क करता है तो उन्हें प्रभावित पक्ष को जरूर सुनना चाहिए। अगर किसी को भी हलफनामे में दी गई जानकारी पर कोई भी आपत्ति है तो उस व्यक्ति को अदालत से संपर्क करना चाहिए। चुनावी हलफनामे को लेकर की गई किसी आपत्ति में निर्वाचन आयोग की कोई भूमिका नहीं होती है।'
राव ने दावा किया कि एक ब्रिटिश कंपनी ने अधिकारियों के समक्ष अपने प्रतिवेदन में गांधी को एक ब्रिटिश नागरिक बताया। राहुल गांधी ने 2004 में कहा था कि उन्होंने इस कंपनी में निवेश किया था। शिकायत का हवाला देते हुए, भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि 2004 से 2014 के दौरान विभिन्न चुनावों में गांधी द्वारा दिए गए हलफनामे में विसंगतियां हैं और तथ्यों को दबाने का प्रयास किया गया।
राव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि कैंब्रिज विश्वविद्यालय से विकास अर्थशास्त्र में एमफिल किया था लेकिन बाद में दावा किया कि यह विकास अध्ययन में था। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जांच में यह पता चलता है कि उस वर्ष एक राहुल विंसी को डिग्री मिली थी न कि राहुल गांधी को।
राव ने कहा, 'हम यह जानना चाहेंगे कि क्या राहुल गांधी विभिन्न देशों में कई नामों से जाने जाते हैं।' उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि क्या गांधी की योग्यता भी कांग्रेस के घोषणा-पत्र की तरह है जो हर पांच साल पर बदल जाती है।