पुडुचेरी सेंट्रल यूनिवर्सिटी में छात्रों द्वारा प्रकाशित कराई गई एक मैग्जीन के वितरण पर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक हफ्ते बाद ही रोक लगा दिया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई इस मैग्जीन के कंटेंट के खिलाफ क्षेत्रीय बीजेपी नेताओं और एबीवीपी के प्रदर्शन के बाद किया गया है। उनका दावा है कि 'रिजिस्टेंस' नाम की इस मैग्जिन में केंद्र सरकार और स्मृति ईरानी की आलोचना की गई है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, पुडुचेरी की बीजेपी यूनिट ने यूनिवर्सिटी गेट पर सोमवार को एक धरना प्रदर्शन आयोजित किया था। वहां उन्होंने मैग्जीन की कई प्रतियों को आग के हवाले कर दिया। यह प्रदर्शन इस मुद्दे पर मानव संसाधन मंत्रालय से इसकी जांच कराने के दबाव के रूप में किया गया।
यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि उन्हें मैग्जीन के कंटेंट के बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने स्टूडेंट काउंसिल लीडर के एक रूम को सील कर दिया है, जिसमें इंग्लिश मैग्जीन की 4 हाजर कॉपियां रखी हुई हैं।
वीसी खान का कहना है कि उन्होंने मैग्जीन की कॉपियों के वितरण पर रोक लगा दी गई है, लेकिन उसे बैन नहीं किया गया है। इसके कंटेंट की जांच के लिए एक कमिटी बनाई गई है। इसके बाद ऐसा पाया जाता है कि इसके कंटेंट में कोई कमी है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उनके पास मैग्जीन की दो कॉपियां आई हैं, जिसमें एनडीए सरकार और मानव संसाधन मंत्री के खिलाफ आपत्तीजनक चीजें है।