बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने नदिया जिले में पार्टी की एक रैली के दौरान एक एंबुलेंस को रास्ता देने से मना करते हुए उसे दूसरे रास्ते से जाने पर मजबूर कर दिया। इसके लिए भारी आलोचना का शिकार होने के बावजूद घोष ने माफी नहीं मांगी और कहा कि वे आगे भी ऐसा ही करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी सरकार ने उनकी जनसभा को बाधित करने के मकसद से ही एंबुलेंस भेजा था। उनका दावा था कि एंबुलेंस खाली थी। घोष ने बाद में पत्रकारों से कहा कि पश्चिम बंगाल में एंबुलेंस के जरिए नशीली दवाओं और सोने की तस्करी की जाती है। इसके जरिए बमों और अपराधियों को एक से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है।