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अमित शाह की ममता बनर्जी को दो टूक- पश्चिम बंगाल में रथयात्रा तो निकालकर रहेंगे

Fri, 07 Dec 2018 11:23 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
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amit shah
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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि पार्टी पश्चिम बंगाल में ‘‘ यात्राएं ’’ निश्चित तौर पर निकालेगी और उसे ऐसा करने से कोई भी नहीं रोक सकता है। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक दिन पहले भाजपा को कूचबिहार में ‘‘ रथयात्रा ’’ निकालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था क्योंकि राज्य सरकार ने ऐसा होने पर हिंसा का अंदेशा जताया था। शाह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ हम निश्चित तौर पर यात्रााएं निकालेंगे और हमें कोई नहीं रोक सकता। पश्चिम बंगाल में बदलाव के प्रति भाजपा प्रतिबद्ध है। ‘यात्राएं’ रद्द नहीं, सिर्फ स्थगित हुई हैं।’’ 

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ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए शाह ने आरोप लगाया कि देश में सर्वाधिक सियासी हत्याएं राज्य में हुई हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ पूरा पश्चिम बंगाल प्रशासन सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए काम कर रहा है।’’ 

मीडिया से बात करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक व्यवस्था का दहन हो रहा है। ममता सरकार लोकतंत्र का गला घोंट रही है। शाह ने आगे कहा कि ममता ने भाजपा यात्राएं रोकी हैं। लेफ्ट राज से ज्यादा हिंसा ममता के राज में हो रही हैं, माफिया जुर्म करते हैं और मंत्री पनाह देते हैं। ममता सरकार आतंकवाद पर नकेल कसने में नाकामयाब हुई है। 
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अमित शाह ने कहा कि ममता बनर्जी को जितना जोर लगाना लगा लें, हम रथ यात्रा तो निकालकर रहेंगे और इसके लिए ईंट से ईंट बजा देंगे। उन्होंने बताया कि रथ यात्रा 7 दिसंबर, 9 दिसंबर और 14 दिसंबर से शुरू होना था। हमने प्रशासन से परमिशन मांगी थी। 2 और 12 और 20 नवंबर को रिमाइंडर भेजे गए। फिर 14, 20 और 23 नवंबर को पुलिस को रिमाइंडर भेजे गए लेकिन हमें परमिशन नहीं दी गई।

वहीं भाजपा ने पश्चिम बंगाल में रथयात्रा की अनुमति से इनकार करने के कलकत्ता उच्च न्यायालय की एकल पीठ के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय की खंडपीठ में शुक्रवार को अपील दाखिल की। न्यायमूर्ति बी सोमद्दर और न्यायमूर्ति ए मुखर्जी की खंडपीठ ने भाजपा को अपील दाखिल करने की अनुमति देते हुए कहा कि वह मामले में दोपहर 12:30 बजे सुनवाई करेगी।

पीठ ने भाजपा के वकीलों को निर्देश दिया की सुनवाई के लिए मामला लिये जाने से पहले अपील की प्रतिलिपि पश्चिम बंगाल सरकार और अन्य प्रतिवादियों को दी जाए। उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने बृहस्पतिवार को कहा था कि वह कूचबिहार में भाजपा की रैली के लिए इस समय अनुमति नहीं दे सकती जिसे शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को हरी झंडी दिखानी थी। इससे पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने इस आधार पर आयोजन को अनुमति देने से मना कर दिया था कि इससे सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है।

अदालत ने पश्चिम बंगाल के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि भाजपा के सभी जिला अध्यक्षों का पक्ष सुनने के बाद पार्टी द्वारा निकाली जाने वाली ‘रथयात्रा’ रैलियों के आयोजन पर उसे 21 दिसंबर तक रिपोर्ट दें। न्यायमूर्ति तपब्रत चक्रवर्ती ने नौ जनवरी को सुनवाई के अगले दिन तक रैली स्थगित करने का निर्देश देते हुए कहा कि रथयात्रा की अनुमति देने की भाजपा की अर्जी को इस स्तर पर मंजूर नहीं किया जा सकता।

इस बीच, भाजपा ने कहा है कि अदालत रथयात्रा की अनुमति भले नहीं दे, कूचबिहार में रैली जरूर आयोजित होगी। अगर इससे कानून व व्यवस्था की समस्या पैदा होती है तो उसके लिए सरकार व प्रशासन जिम्मेदार होगा। 

इससे पहले राज्य सरकार ने अदालत में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा था कि उक्त रथयात्रा से इलाके में सांप्रदायिक सद्भाव बिगड़ने का अंदेशा है। इसके खिलाफ भाजपा ने कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। उसके आधार पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद न्यायमूर्ति तपोब्रत चक्रवर्ती ने रैली की अनुमति देने से इनकार कर दिया।
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