शाह ने नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शनों को ज्यादातर राजनीतिक करार दिया। उन्होंने कहा कि इस कानून से किसी भारतीय को नागरिकता नहीं गंवानी पड़ेगी। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को चुनौती दी कि वे कानून की एक भी धारा दिखाएं जिसमें किसी की नागरिकता छीनने की बात कही गई हो। उन्होंने कहा कि कुछ लोग इस कानून को लेकर गुमराह कर रहे हैं, लेकिन हम लोगों को मनाने और समझाने की कोशिश कर रहे हैं।
एनपीआर और एनआरसी का कोई संबंध नहीं
शाह ने साफ किया कि जनगणना 2011 और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) से कोई लेनादेना है। उन्होंने कहा कि देश में हर 10 साल में जनगणना और एनपीआर होता है और इस बार भी 10 साल बाद ऐसा हो रहा है। कांग्रेस ने अपने शासनकाल में हर बार इसे किया लेकिन अब इसका विरोध कर रही है।