भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष देबजीत सरकार ने कहा, इस रैली में युवा मोर्चे की हर जिले से सौ सौ गाड़ियां रैली में पहुंचेंगी। इसके अलावा पार्टी की दूसरी इकाइयों से भी कार्यकर्ता इसी तरह रैली में आएंगे। युवा कार्यकर्ता नौ अगस्त को कोलकाता पहुंच जाएंगे। साथ ही ट्रेन से आने वाले लोगों को रैली स्थल तक पहुंचाने की जिम्मेदारी भी यूथ विंग को दे दी गई है।
रैली की सफलता से तय होंगी तीन बातें
हाल ही में नेशनल रजिस्ट्र ऑफ सिटीजन (एनआरसी) की रिपोर्ट सार्वजनिक हुई है। इसमें असम के 40 लाख लोगों का नाम अवैध तरीके से रहने वालों की सूची में आ गया है। इस मुद्दे पर भाजपा और टीएमसी, दोनों में जंग छिड़ी हुई है। युवा मोर्चे के राष्ट्रीय सचिव सौरभ सिकंदर का कहना है कि यह देश की सुरक्षा एवं हित से जुड़ा मामला है। गैर-कानूनी तौर से रहने वाले लोगों को असम छोड़ना होगा। दूसरी ओर टीएमसी इन लोगों के समर्थन में उतर आई है। बाकायदा ममता बनर्जी के निर्देश पर टीएमसी के सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल असम का दौरा करने पहुंचा था।
अगर भाजपा की 11 अगस्त की रैली सफल होती है तो पार्टी एनसीआर पर लोगों का समर्थन मिलने की बात कह कर आगे बढ़ेगी। दूसरा, इस रैली के चार दिन बाद यानी 15 अगस्त को ममता बनर्जी बीजेपी हटाओ, देश बचाओ अभियान शुरू करने जा रही है। भाजपा रैली की सफलता का प्रभाव सीधे तौर पर टीएमसी के इस अभियान में दिखेगा। तीसरा, भाजपा की रैली सफल रही तो उसका 2019 में पश्चिम बंगाल की आधी लोकसभा सीटें जीतने का दावा मजबूत हो जाएगा।