फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुजरात: 6 महीने पहले चुनाव करा सकती है BJP, ये हैं कारण

Mon, 19 Dec 2016 02:11 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
- फोटो : Getty Images
विज्ञापन
गुजरात जैसे अपने प्रमुख गढ़ में भाजपा समय से पहले चुनाव कराने के मूड़ में है, पार्टी ने इसके लिए संभावनाएं भी टटोलनी शुरू कर दी हैं। पार्टी की मंशा छह महीने पहले चुनाव कराने की है। इसको लेकर भाजपा और आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं में कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है।
विज्ञापन


बता दें कि गुजरात में दिसंबर 2017 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और वहां भाजपा के पास 182 में से 123 सीटें हैं। मिरर की खबर के अनुसार एक वरिष्ठ भाजपा नेता ने बताया कि समय से पहले चुनाव कराने पर भाजपा निश्चित रूप से फायदे में रहेगी।

वहीं पार्टी का एक धड़ा मुख्यमंत्री उम्‍मीदवार भी बदले जाने की मांग कर रहा है। हालांकि चुनाव से छह महीने पहले मुख्यमंत्री उम्‍मीदवार बदले जाने को कुछ पार्टी नेता नुकसानदायक भी मान रहे हैं उनका तर्क है कि इससे जनता के बीच नकारात्मक प्रभाव भी पड़ेगा।
विज्ञापन


दूसरी ओर विरोधी धड़ा इस बात की पैरवी कर रहा है कि मौजूदा मुख्यमंत्री विजय रुपाणी 2017 के कठिन विधानसभा चुनाव में नेतृत्व की क्षमता नहीं रखते हैं। ऐसे में पार्टी आगामी चुनावों के लिए किसी ओबीसी चेहरे को मुख्यमंत्री के तौर पर प्रोजक्ट कर सकती है, वैसे भी राज्य में सबसे ज्यादा जनसंख्या ओबीसी की है।

विजय रुपाणी की जगह किसी और को बनाया जा सकता है सीएम उम्‍मीदवार

- फोटो : facebook
उनका तर्क है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस से मुकाबले के लिए ओबीसी वोटरों को अपने पक्ष में करना जरूरी है। राज्य में इस समय 45 फीसदी ओबीसी है जिनमें से 32.5 फीसदी ग्रामीण इलाकों में रहते हैं, जहां भाजपा की अच्छी पकड़ है।

खास बात ये है कि इससे भाजपा को पाटीदार आंदोलन से हुए नुकसान से निपटने का भी मौका मिल जाएगा। जो हार्दिक पटेल के पाटीदार आंदोलन के बाद भाजपा से नाराज चल रहे हैं।

हालांकि सीएम उम्मीदवार बदले जाने के मुद्दे पर अभी असमंजस बना हुआ है एक वरिष्ठ भाजपा नेता का कहना है कि पार्टी अभी इस पर कोई घोषणा करने वाली नहीं है विधानसभा चुनाव से थोड़ा पहले ही इस पर पत्ते खोले जाएंगे।

दूसरी ओर भाजपा नोटबंदी के मुद्दे को भी चुनाव में कैश कराना चाहती है। पार्टी नेताओं के अनुसार नोटबंदी के बाद अभी आम जनता में कालेधन के खात्मे को लेकर सरकार का समर्थन करती दिख रही है। ऐसे में पार्टी इस इस मुद्दे को जल्द से जल्द भुनाना चाहती है।
विज्ञापन

हा‌र्दिक पटेल के राज्य से बाहर होने को भी मुफीद मान रही भाजपा

वहीं पाटीदार नेता हार्दिक पटेल के अभी गुजरात में आने पर प्रतिबंध लगा हुआ है भाजपा इसका भी फायदा उठाना चाहती है। क्योंकि चुनाव के दौरान अगर हार्दिक पटेल गुजरात में रहते हैं तो वो भाजपा का नुकसान जरूर करेंगे। 

हालांकि जनसंख्या के हिसाब से पाटीदार गुजरात में बहुत ज्यादा नहीं हैं लेकिन राजनीतिक रूप से ये काफी मजबूत स्थिति में हैं इसलिए भाजपा कोई भी समीकरण खराब नहीं करना चाहती। 

भाजपा की चुनावी तैयारियों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पिछले कई दिनों से गुजरात में ही डटे हैं। वह चार दिवसीय प्रचार मीटिंग में शिरकत कर रहे हैं। 

यहां वह आरएसएस और भाजपा नेताओं से चुनावी संभावनाओं पर भी चर्चा कर रहे हैं। इस संबंध में 18 आरएसएस और भाजपा नेता उनसे जल्द चुनावों के संबंध में बातचीत कर चुके हैं। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें