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BJP: क्या अब थमेगा कुकी-मैतेई विवाद? खेमचंद के मणिपुर का मुख्यमंत्री बनने से बनी उम्मीद

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मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह। - फोटो : एएनआई
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मैतेई समुदाय से आने वाले मणिपुर के भाजपा नेता युमनाम खेमचंद ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। उनके साथ ही राज्य के दूसरे सबसे प्रभावी वर्ग कुकी समुदाय के नेता नेमचा किपगेन और नगा समुदाय से आने वाले लोधी दिखो ने भी उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। भाजपा ने राज्य में स्थाई शांति लाने के लिए राज्य के सभी वर्गों को सरकार में प्रभावी भूमिका देने की रणनीति तैयार की है। माना जा रहा है कि इस फॉर्मूले के बाद राज्य में स्थाई तौर पर शांति स्थापित हो सकती है। 
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इसके पूर्व मंगलवार को भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय में मणिपुर के विधायकों की पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बैठक में खेमचंद को विधायक दल का नेता चुना गया था। इस बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, महासचिव तरुण चुघ और संबित पात्रा सहित कई बड़े नेता मौजूद थे। जानकारी के अनुसार, भाजपा नेताओं ने राज्य में स्थाई शांति बहाली के लिए सर्वसम्मति से नेता चुने जाने पर जोर दिया था। इसके बाद खेमचंद के नाम पर सहमति बनी जो पिछली सरकार में भी मंत्री रह चुके थे। 

राज्य में कुकी और मैतेई समूहों के बीच विवाद बढ़ने के बाद राज्य में हिंसा का दौर शुरू हो गया था जिसमें 350 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। भाजपा नेता एन बीरेन सिंह उस समय मणिपुर के मुख्यमंत्री थे। लेकिन हिंसा पर लगाम न लगने के कारण उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। अंततः राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था जो करीब एक साल तक चला।
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मणिपुर में अगले वर्ष फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव होंगे। चुनाव के करीब साल भर पहले सरकार बनने से पार्टी के पास राज्य में स्थाई शांति देने का एक अवसर रहेगा। पिछले चुनाव में भाजपा ने राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत प्राप्त किया था। पार्टी के सामने अगले चुनाव में सत्ता बचाने की चुनौती रहेगी। राज्य में शांति आने से उसकी दावेदारी मजबूत बनेगी।   
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