प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को भाजपा संसदीय बोर्ड की बैठक संसद के पुस्तकालय भवन में हुई। इस बैठक में पीएम मोदी के साथ गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। ऐसा पहली बार हुआ कि पार्टी की संसदीय बैठक में लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी नहीं शामिल हुए।
बैठक में पीएम मोदी ने बिना नाम लिए भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे और इंदौर-3 से विधायक आकाश विजयवर्गीय के निगम कर्मचारी को बल्ले से मारने वाली घटना पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि राजनीति में अनुशासन होना चाहिए। दुर्व्यवहार करने वाले लोगों को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए। ऐसा बर्ताव अस्वीकार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा करने वाले लोग भले ही किसी के भी बेटे हों, लेकिन उन्हें मनमानी की इजाजत नहीं दी जा सकती।
इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा और राज्यसभा के लगभग 380 सांसदों को संबोधित किया। पूर्व विदित है कि पीएम मोदी के किसी अंतरराष्ट्रीय दौरे से वापस आने के बाद संसदीय दल की बैठक में उनके अभिवादन की परंपरा रही है। जिसका पालन इस बार भी किया गया।
संसदीय मामलों के मंत्री प्रलहाद जोशी ने संवाददाताओं को बताया कि लोकसभा चुनाव के बाद भाजपा के संसदीय दल की पहली बैठक में वरिष्ठ पार्टी नेताओं ने मोदी को सम्मानित किया। इस चुनाव में उनकी अगुवाई में भाजपा प्रचंड बहुमत से जीती है। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और कार्यकारी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा ने भी उन्हें सम्मानित किया।
जोशी ने कहा कि अपने संबोधन में मोदी ने पार्टी सांसदों से संसद सत्र के दौरान उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा और कहा के उन्हें लोगों की सेवा के लिए खुद को समर्पित करना चाहिए ताकि वे जान सकें कि उन्होंने जनता के लिए जो किया है उसके लिए उन्हें जाना जाता है।
भाजपा के विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर छह जुलाई को मोदी सदस्यता अभियान की शुरुआत करेंगे। शाह तेलंगाना में और अन्य वरिष्ठ नेता देश के अन्य हिस्सों में इसकी शुरुआत करेंगे।
भाजपा संसदीय दल की ये बैठक 25 जून के लिए निर्धारित थी लेकिन राजस्थान भाजपा अध्यक्ष और राज्यसभा सासंद मदन लाल सैनी की मृत्यु के बाद इसे स्थगित कर दिया गया था।