West Bengal: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने संविधान हत्या दिवस मनाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। बनर्जी ने कहा कि उन्हें उनसे लोकतंत्र की सीख नहीं लेना चाहिए, जो इसकी नीव को ध्वस्त कर रहे हैं और देश के संघीय ढांचे को नष्ट कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार 1975 के आपातकाल के विरोध में 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाने जा रही है, लेकिन भाजपा तो हर दिन संविधान का उल्लंघन करती है। बनर्जी ने कहा कि जो लोग संविधान का सम्मान नहीं करते हैं, वही इसकी नैतिकता को बनाए रखने की बात कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या महाराष्ट्र और बिहार में चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकारों को गिराना संविधान पर हमला नहीं था?
मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, हमें उनसे लोकतंत्र की सीख नहीं लेना चाहिए, जो इसकी नीव को ध्वस्त कर रहे हैं और देश के संघीय ढांचे को नष्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा, भाजपा ने नोटबंदी के नाम पर देश की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया, इसलिए आठ नवंबर को अर्थव्यवस्था विनाश दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए।
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बनर्जी ने कहा, केंद्र सरकार कहती है कि इस साल आपातकाल के 50 साल पूरे होने पर वह संविधान हत्या दिवस मनाएगी। मैं 'संविधान हत्या' वाले कथन पर आपत्ति जताती हूं। संविधान हमारे अधिकारों का आधार है, यह लोकतंत्र की जननी है, वह इसे संविधान हत्या कैसे कह सकते हैं। इसमें लिखा है कि 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाया जाएगा। वे आपातकाल हत्या दिवस भी मना सकते थे लेकिन वे संविधान हत्या दिवस मना रहे हैं। मैं इस विचार की पूरी तरह से निंदा करती हूं।
उन्होंने कहा, क्या आज भारत में लोकतंत्र है? क्या लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर दिन गणतंत्र हत्या दिवस हो सकता है क्योंकि हर दिन वे गणतंत्र की हत्या कर रहे हैं, हर दिन वे लोगों के मौलिक अधिकारों में कटौती कर रहे हैं, वे राज्य की अर्थव्यवस्था और राज्य के सभी मौलिक अधिकारों को भी ध्वस्त कर रहे हैं।