भाजपा ओबीसी मोर्चा ने रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर गुजरात में यादव समुदाय का अपमान करने का आरोप लगाया। मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव निखिल आनंद ने भी आप प्रमुख केजरीवाल से नस्लवादी टिप्पणी" वापस लेने की मांग की। आनंद ने कड़े शब्दों में बयान जारी कर केजरीवाल के कथित बयानों की निंदा की, जिसमें उन्होंने जन्माष्टमी पर पैदा होने की बात कही थी और भगवान कृष्ण की तरह कंस के वंशजों को खत्म करने की कसम खाई थी।
भगवान कृष्ण ने सिर्फ कंस को दंडित किया था न कि उसके पूरे वंश को: निखिल आनंद
आनंद ने कहा कि केजरीवाल को लगता है कि वह अपनी तुलना भगवान कृष्ण से कर सकते हैं। लेकिन उन्हें यह महसूस करना चाहिए कि भगवान कृष्ण ने कंस को उसके पापों के लिए दंडित किया था, लेकिन कभी भी मथुरा के राजा के पूरे कबीले का सफाया करने की कोशिश नहीं की।
यह सर्वविदित है कि कंस भगवान कृष्ण के अपने मामा थे और सभी यादव खुद को भगवान विष्णु के अवतार के वंशज मानते हैं। केजरीवाल की जातिवादी टिप्पणी से वे आहत महसूस करते हैं। आप प्रमुख को अपना बयान वापस लेना चाहिए और माफी मांगनी चाहिए।
जानें क्या कहा था केजरावाल ने
गुजरात के वडोदरा में केजरीवाल ने कहा कि मेरा जन्म कृष्ण जन्माष्टमी पर हुआ था। मुझे कंस के वंशजों को खत्म करने के लिए भगवान ने भेजा है। मैं उस काम को पूरा कर के ही रहूंगा। इससे पहले उन्होंने वडोदरा में जय श्री राम के नारे लगाए। एक दिन पहले ही AAP के एक नेता पर हिंदुओं की भावना भड़काने का आरोप लगा था।