पश्चिम बंगाल में भले ही पंचायत चुनाव खत्म हो चुके हों और उसका परिणाम भी आ चुका हो लेकिन तृणमूल कांग्रेस का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। खबर आ रही है कि इस पंचायत चुनाव में जीत दर्ज कर चुके भाजपा के जनप्रतिनिधि आज भी भय के साये में जीने को मजबूर हैं। चुनाव परिणाम आने के बाद तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता भाजपा के नवनिर्वाचित वार्ड सदस्यों और मुखियाओं को तरह तरह से तंग कर रहे हैं। उन कार्यकर्ताओं के डर से भाजपा के लोग अपना घर बार छोड़ कर भागने पर मजबूर हैं।
खबर आ रही है कि पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के बावनगोला प्रखंड के भाजपा के 50 नवनिर्वाचित प्रतिनिधि अपने परिवार के साथ रातों-रात 50 किलोमीटर की यात्रा की और मालदा से ट्रेन पकड़ कर साहिबगंज पहुंचे।
साहिबगंज पहुंच कर बंगाल से आये भाजपा के जनप्रतिनिधी सबसे पहले भाजपा के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ गुप्ता, नप उपाध्यक्ष रामानंद साह सहित अन्य नेताओं से मिले। स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के नेताओं ने बंगाल से आये सभी लोगों को चौक बाजार स्थित अमख पंचायत भवन में उनके रहने और खाने-पीने की व्यवस्था करायी है।
साहिबगंज नगर पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के बाबनगोला प्रखंड के नव निर्वाचित 50 भाजपा के जनप्रतिनिधि अपनी जान बचा कर पूरे परिवार के साथ साहिबगंज पहुंचे लोगों ने बताया कि पश्चिम बंगाल में टीएमसी के नेता व कार्यकर्ताओं ने तांडव मचा रखा है। यही नहीं जीत दर्ज किये दूसरे दलों के लोगों के साथ खुलेआम मारपीट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हमलोगों ने किसी तरह अपने परिवार के साथ 50 किलोमीटर की यात्रा कर मालदा पहुंचे और ट्रेन पकड़ कर साहिबगंज पहुंचे। यहां भाजपा के साथियों के रहने व भोजन का प्रबंध कर दिया गया है। उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।