मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले को लेकर लोगों की परेशानियां बढ़ने से भाजपा में भी विरोध के सुर शुरू हो गए हैं। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर निशाना साध दिया है। उन्होंने सीधे कहा है कि वित्त मंत्री ने कोई तैयारी नहीं की है। देश भर में लोगों की परेशानी के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। जेटली के अलावा उन्होंने मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम और आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास पर भी सवाल उठाये।
स्वामी ने कहा, ‘मैंने अरविंद सुब्रमण्यम और दास को जिम्मेदारी देने पर सवाल उठाए थे मगर जेटली उनके समर्थन में उतर गए थे। मगर अब पता चल रहा है कि इन लोगों ने कोई तैयारी ही नहीं की थी। इसके लिए किसी को तो जिम्मेदार होना पड़ेगा। ’ उन्होंने कहा, ‘हम ढाई साल से सत्ता में है। काले धन को खत्म करने का हमने वादा किया था। वित्त मंत्रालय को पहले दिन से ही तैयारी करनी थी। ये कहना आसान है कि मंत्रालय को इसकी जानकारी नहीं थी लेकिन आकस्मिक योजना नहीं बनाने के लिए यह कोई तर्क नहीं है। ’ स्वामी ने हालांकि मोदी सरकार के फैसले का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि फैसले में कोई गलत नहीं है मगर वित्त मंत्रालय के कुप्रबंधन से लोगों की परेशानियां बढ़ी हैं।
इससे पहले भाजपा सांसद विट्ठल रादाड़ियां भी नोटबंदी का विरोध कर चुके हैं। विपक्ष जब नोटबंदी के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेर रहा है और संसद नहीं चलने दे रहा है। तब भाजपा सांसद का वित्त मंत्री पर निशाना मोदी सरकार के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी नोटबंदी पर टिप्पणी कर मोदी सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भाजपा के गलियारों में विरोध के सुर तेज होने का खतरा महसूस किया जा रहा है। भाजपा के कई लोकसभा सांसद अंदरखाने नोटबंदी के चलते लोगों की हो रही परेशानियों को लेकर मोदी सरकार की आलोचना कर रहे हैं मगर खुलकर बोलने की कोई हिम्मत नहीं दिखा रहा है।