भाजपा सांसद नारायण राणे ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका को वापस ले लिया है। राणे के खिलाफ 2021 में महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर टिप्पणी को लेकर एफआईआर दर्ज की गई थी। राणे ने इस एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसद नारायण राणे ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अपनी उस याचिका को वापस ले लिया, जिसमें उन्होंने 2021 में अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी। यह एफआईआर उस समय के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के खिलाफ की गई उनकी टिप्पणी को लेकर दर्ज की गई थी।
विज्ञापन
राणे के वकील अनिकेत निकम ने न्यामूर्ति रवींद्र घुगे की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि रायगढ़ में दर्ज मामले में पुलिस पहले ही एक रिपोर्ट दे चुकी है, जिसे 'सी समरी' कहते हैं। इसका मतलब है कि पुलिस को न तो मामला सही लगा और न ही गलत।
पुणे में दर्ज मामले में भी सी समरी रिपोर्ट की जाएगी दाखिल
अतिरिक्त लोक अभियोजक जेपी याज्ञनिक ने अदालत को बताया कि पुणे में दर्ज मामले में भी इसी तरह की रिपोर्ट दाखिल की जाएगी। पीठ ने इस पर संज्ञान लिया और रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से लोकसभा सांसद राणे को याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दे दी।
राणे ने उद्धव ठाकरे पर ये की थी टिप्पणी
गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री राणे ने कहा था कि अगर उद्धव ठाकरे अपने भाषण में कथित तौर पर भारत की स्वतंत्रता का सही साल नहीं बता पाए, तो वह उन्हें 'एक जोरदार थप्पड़' मारते। राणे की इस टिप्पणी से विवाद खड़ा हो गया था। बाद में, राणे के इसी बयान को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी।