भाजपा सांसद रामकृपाल यादव ने दावा किया है कि बिहार में महागठबंधन का कोई भी दल तेजस्वी यादव को अपना नेता मानने को तैयार नहीं है।
साथ ही उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले विपक्षी महागठबंधन टूट सकता है। राज्य में सत्ताधारी राजग गठबंधन के घटक भाजपा को उम्मीद है कि उसे आगामी चुनाव में महागठबंधन में नेतृत्वहीनता का लाभ मिलेगा।
एक साक्षात्कार में यादव से जब विपक्षी खेमे में दरार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि तेजस्वी के नेतृत्व को स्वीकार करने के लिए कोई तैयार नहीं है। दरअसल उनके ‘इस्तेमाल करो और फेंको’ की नीति के कारण बिहार में राजद प्रभावहीन हो गया है।
महागठबंधन का गठन स्वार्थ पर आधारित है। यादव ने कहा कि जो उनके काम का नहीं है, उसे वह फेंक देते हैं। जीतनराम मांझी उस खेमे को छोड़ चुके हैं, कुशवाहा महागठबंधन को कभी भी छोड़ सकते हैं।