किसान आंदोलन को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और सांसदों की ओर से लगातार बयानबाजी हो रही है। इसी सिलसिले में भाजपा सांसद रमेश बिधूडी आरोप लगाया कि आंदोलन में जो लोग बैठे हैं, वो किसान नहीं है बल्कि राजनीतिक पार्टियों से समर्थित कुछ लोग हैं।
यही नहीं रमेश बिधूडी ने आगे कहा कि आंदोलन में बैठे इन किसानों को तीन मुख्यमंत्रियों से फंडिंग मिल रही है। लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए बिधूड़ी ने कहा कि जो लोग आंदोलन कर रहे हैं, वो सीपीआई और सीपीएम के नेता हैं।
उन्होंने आगे कहा कि आंदोलन में वो लोग बैठे हैं, जो देश को दीमक की तरह चाट रहे हैं। हालांकि रमेश बिधूडी ने अपने भाषण के दौरान इस बात का तो खुलासा नहीं किया कि आंदोलनकारियों को किन तीन राज्यों के मुख्यमंत्री फंडिंग कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर शकुनी का काम कर रही है और किसानों को भटका रही है।
भाजपा सांसद रमेश बिधूडी के बयान का रीता बहुगुणा जोशी ने समर्थन किया। उन्होंने कहा कि किसानों को खुले बाजार का फायदा होगा। रमेश बिधूडी के भाषण पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने जवाब देते हुए कहा कि ये कोई धार्मिक लेख नहीं है, जिन्हें बदला ना जा सके।
उन्होंने केंद्र सरकार से धार्मिक आधार पर भेदभाव ना करते हुए अपील करते हुए कहा कि आपको क्या लगता है कि राम सिर्फ आपके हैं? राम पूरी दुनिया के हैं। वे हम सबके हैं। यह उसी तरह से जैसे मुस्लिमों ने कुरान को अपने सीने से लगा रखा है, कुरान भी सभी के लिए है।
इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि राज्य में भी एमएसपी पर फसल की खरीद नहीं हो रही है। इसके अलावा अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री के आंदोलनजीवी बयान पर तंज कसते हुए कहा कि हम उन्हें क्या कहे, जो चंदा इकट्ठा करते हुए घूम रहे हैं, क्या ये लोग चंदाजीवी नहीं है।