बजट सत्र के पहले चरण में राहुल गांधी के भाषण के बाद निशिकांत दुबे ने सात फरवरी को उनके खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दिया था। अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने हिंडनबर्ग-अदाणी मुद्दे पर टिप्पणी की थी।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने विशेषाधिकार हनन नोटिस को लेकर एक संसदीय समिति के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। इस दौरान भाजपा नेता ने पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष की लोकसभा की सदस्यता खत्म करने की मांग की।
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दरअसल, बजट सत्र के पहले चरण में राहुल गांधी के भाषण के बाद निशिकांत दुबे ने सात फरवरी को उनके खिलाफ विशेषाधिकार नोटिस दिया था। अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने हिंडनबर्ग-अदाणी मुद्दे पर टिप्पणी की थी। लोकसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए दुबे ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष द्वारा राहुल गांधी की टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाए जाने के बावजूद वे अब भी उनके और कांग्रेस के आधिकारिक यू-ट्यूब चैनलों पर उपलब्ध हैं। गौरतलब है कि भाजपा सांसद सुनील सिंह इस समिति के अध्यक्ष हैं।
दुबे के हवाले से एक सूत्र ने कहा, न केवल एक बल्कि तीन प्रकार के विशेषाधिकार उन पर लागू होते हैं और वह आदतन ‘अपराधी’ हैं और इसलिए उनकी सदस्यता समाप्त कर दी जानी चाहिए। दुबे ने अपनी बात की पुष्टि के लिए दस्तावेज और रिपोर्ट भी पेश किए और इनके जरिए दावा किया कि कांग्रेस नेता के लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और व्यवसायी गौतम अदाणी के विभिन्न सौदे, जिनका उन्होंने (राहुल गांधी) उल्लेख किया था, कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के दौरान किए गए थे। दुबे ने राहुल गांधी की बर्खास्तगी की अपनी मांग के समर्थन में 1976 में सुब्रमण्यम स्वामी को राज्यसभा से निष्कासित करने का हवाला दिया।