भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाया जाए और समान नागरिक संहिता लागू किया जाए। उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान यह भी कहा कि सरकार को यह व्यवस्था बनानी चाहिए कि अनुसूचित जनजाति से धर्मांतरण करने वालों को आरक्षण नहीं मिले।
दुबे ने कहा, अगर अनुसूचित जाति (एससी) की तरह अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लोग भी धर्म परिवर्तन करते हैं तो उन्हें आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का एक ट्रेंड चल पड़ा है। इसके कारण एक तो जनसांख्यिकी बदलती है, दूसरा वोट बैंक की राजनीति सक्रिय होती है।
जनसंख्या नियंत्रण पर कानून लाने के अपने आग्रह पर उन्होंने कहा, कोरोना के समय अभी हमने जो देखा, इस देश में अब पूर्ण जनसंख्या नियंत्रण होना चाहिए। वरना पूरी की पूरी जनसांख्यिकी बदल जाएगी और देश का लोकतंत्र भी खतरे में पड़ जाएगा। कई बांग्लादेशी भी यहां के नागरिक बन जाते हैं।
दुबे ने कहा कि कई इलाकों में देखने को मिल रहा है कि अनुसूचित जनजाति के लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा है। इसलिए मेरी मांग है कि यह व्यवस्था बनाई जाए कि अनुसूचित जनजाति से धर्मांतरण करने वालों को आरक्षण नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 370 को हटाने के बाद अब यह जरूरी है कि देश में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू हो और समान नागरिक संहिता लागू की जाए।
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