भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कैराना के बाद अब कांधला से पलायन करने वालों की सूची जारी की है। उनका दावा है कि गुंडागर्दी की वजह से दहशत में 63 परिवार पलायन कर गए, मगर शासन-प्रशासन क्षेत्र में सुरक्षित माहौल नहीं बनवा पा रहा है।
मंगलवार को नगरपालिका परिषद शामली के सभागार में पत्रकारों से बातचीत में भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने कांधला से पलायन करने वालों की सूची जारी की, जिसमें 63 परिवारों के नाम शामिल हैं। उनका कहना है कि कैराना ही नहीं, बल्कि कांधला में भी बदमाशों ने व्यापारियों से रंगदारी मांगी, लूटपाट करके दहशत फैलाई।
इतना ही नहीं, 2014 में कांधला रेलवे स्टेशन पर 10 हजार अवांछनीय तत्वों ने उत्पात मचाया, तोड़फोड़ करने के बाद थाने में खड़े वाहनों में आग लगाई गई। तत्कालीन जिलाधिकारी मोर्चा नहीं संभालते, तो दूसरा गोधरा कांड कांधला में होने वाला था। कांधला के गांव खंदरावली स्थित इंटर कॉलेज की छात्राओं से मुकीम गैंग के बदमाशों ने छेड़छाड़ की और प्रधानाचार्य को धमकी दी, जिस कारण पीएसी भी लगानी पड़ी।
सांसद ने दावा किया कि कांधला से 63 परिवारों ने अपनी जान माल की सुरक्षा के कारण ही पलायन किया। इसके अलावा 58 और परिवारों की सूची तैयार हुई है, जिसे तस्दीक कराया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जब कैराना में व्यापारियों की हत्या हुई, कांधला में वारदातें हुई, तभी यह मुद्दा सदन में उठाया था, मगर प्रदेश सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
लोगों पर अत्याचार बढ़ते गए, जिस कारण अब बात बर्दाश्त से बाहर हो गई और जनता की समस्या का मुद्दा उठाया, इसमें चुनाव नजदीक होने से कोई ताल्लुक नहीं है। सांसद हुकुम सिंह ने कहा कि ध्रुवीकरण की राजनीति सपा कर रही है, भाजपा नहीं। जिले के हालातों से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भी अवगत करा दिया है, जल्दी ही वह भी कैराना आएंगे।
वहीं, सांसद ने कहा कि मुजफ्फरनगर दंगे का असली जिम्मेदार सपा सरकार में मंत्री पद पर काबिज है। मैं एक किताब लिख रहा हूं, जिसमें दंगे के जिम्मेदार का चेहरा बेनकाब करूंगा। संभवत: विधानसभा चुनाव से पहले ही किताब का प्रकाशन करा दिया जाएगा।
कवाल गांव में दो युवकों की हत्या के बाद उसी नेता के इशारे पर आरोपियों को छोड़ दिया गया और उसके बाद ही माहौल बिगड़ गया। वहीं, भाजपा विधायक सुरेश राणा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री तब कहां सो रहे थे, जब 10 हजार लोगों ने कांधला में बवाल किया। जब हमने बार बार सदन में सवाल उठाकर कैराना और कांधला के हालात बताए, तब मुख्यमंत्री कहां सो रहे थे।
अब कैराना के पलायन को सत्यापन के नाम पर झुठलाने की कोशिश की जा रही है। मुआवजों के वितरण में सपा सरकार तुष्टिकरण की नीति अपना रही है, जिससे जनता में सपा के खिलाफ गुस्सा बन रहा है। यदि मुख्यमंत्री को पलायन की सच्चाई देखनी है तो कैराना आएं।
सूची और शहरों की भी बनेगी
सांसद हुकुम सिंह ने कहा कि सिर्फ कैराना ही नहीं, बल्कि अन्य शहरों में भी बढ़ती गुंडागर्दी और शासन प्रशासन की लचरता के कारण पलायन हुआ। कांधला की सूची जारी कर दी है, अब गंगोह, ननौता, चिलकाना सहित अन्य शहरों की सूची भी जारी की जाएगी।