दरअसल, बुधवार को एक धार्मिक कार्यक्रम में अर्जुन सिंह को अपने बेटे और भाटपारा के भाजपा विधायक पवन सिंह के साथ जगतदल से टीएमसी विधायक श्याम के साथ देखा गया। जिसके बाद उनके टीमएमसी में जाने की अटकलें तेज हो गईं है।
बंगाल से भाजपा के बाहुबली सांसद अर्जुन सिंह ने बुधवार को टीएमसी विधायक के साथ मंच साझा किया। उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र बैरकपुर में एक धार्मिक कार्यक्रम में तृणमूल कांग्रेस विधायक सोमनाथ श्याम के साथ मंच पर देखा गया। हालांकि बंगाल भाजपा उपाध्यक्ष सिंह ने इसे निजी बताते हुए कहा कि इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने जूट नीति को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की थी।
विज्ञापन
दरअसल, बुधवार को एक धार्मिक कार्यक्रम में अर्जुन सिंह को अपने बेटे और भाटपारा के भाजपा विधायक पवन सिंह के साथ जगतदल से टीएमसी विधायक श्याम के साथ देखा गया। जिसके बाद उनके टीमएमसी में जाने की अटकलें तेज हो गईं है।
इस बारे में पूछे जाने पर भाजपा सांसद सिंह ने कहा कि अटकलों की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि यह एक सामाजिक-धार्मिक कार्यक्रम था। उन्होंने कहा कि मंदिर ट्रस्ट ने मुझे कलश यात्रा में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया, इसलिए मैं यहां आया। इसका राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। किसी अटकलों की कोई जरूरत नहीं है। वहीं जगतदल से टीएमसी विधायक श्याम ने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि यात्रा में उनके साथ कौन चल रहा था या उनके साथ मंच साझा कर रहा था।
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों का भाग लेना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि हमें हमेशा राजनीति के चश्मे से नहीं देखना चाहिए। हर कोई धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए स्वतंत्र है।
इससे पहले भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया था कि वह पश्चिम बंगाल के जूट उद्योग की उपेक्षा कर रही है। इतना ही नहीं बंगाल से भाजपा के बाहुबली सांसद अर्जुन सिंह ने कच्चे जूट की वाजिब मूल्य सीमा रद्द करने को लेकर केंद्रीय कपड़ा मंत्री पीयूष गोयल को पत्र भी लिखा था। उन्होंने कहा था कि बंगाल के जूट उत्पादक किसान संकटों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कि केंद्र के इस कदम से 40 लाख पटसन किसानों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने जूट की कीमत सीमा का मुद्दा हल नहीं होने पर सड़कों पर उतरने की धमकी भी दी थी।