भाजपा सांसद और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने चुनावी राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। हासन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि वह आने वाले दिनों में कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री वर्तमान में बंगलूरू उत्तर से लोकसभा सदस्य हैं। उनका एलान 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले एक बड़ा फैसला माना जा रहा है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि मैंने चुनावी राजनीति से दूरी बनाने का फैसला किया है। 30 साल तक मेरी पार्टी ने मुझे सब कुछ दिया है। बीएस येदियुरप्पा के बाद मैं पार्टी में सबसे ज्यादा तवाज्जो दिए जाने वाला लाभार्थी हूं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह एक बार फिर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष होंगे? उन्होंने कहा कि मैं 30 साल से राजनीति में हूं। 10 साल विधायक के रूप में, 20 साल सांसद के रूप में, एक साल मुख्यमंत्री के रूप में, डेढ़ साल विपक्ष के नेता के रूप में (विधान परिषद में), विधानसभा में विपक्ष के उपनेता के रूप में पांच साल, पार्टी अध्यक्ष के रूप में साढ़े चार साल और सात साल तक मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के केंद्रीय मंत्रिमंडल में मंत्री रहा हूं। बता दें कि गौड़ा ने जुलाई 2021 में केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था।
उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनेता इन सबके बाद भी खुश नहीं है, तो वह सच्चा राजनेता नहीं है, वह स्वार्थी है। जून में गौड़ा ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से उन अटकलों का खंडन पर स्थिति साफ करने को कहा था कि उन्हें मिलाकर 13 निवर्तमान भाजपा सांसदों को अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के लिए पार्टी के टिकट नहीं मिलेंगे।
उन्होंने हाल ही में जद (एस) के साथ गठबंधन करने से पहले अपने राज्य के नेताओं से परामर्श नहीं करने के लिए पार्टी को फटकार भी लगाई थी। इसके अलावा उन्होंने कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति में देरी पर भी अफसोस जताया था।