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West Bengal: पंचायत चुनाव में हिंसा के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची भाजपा, सरकार पर अदालत की अवमानना का लगाया आरोप

Thu, 15 Jun 2023 01:15 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

भाजपा का ये भी आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद केंद्रीय बलों की तैनाती नहीं की जा रही है। 
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कलकत्ता हाईकोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान हिंसा की घटनाएं देखने को मिल रही हैं। साथ ही कोर्ट के आदेश के बावजूद अभी तक केंद्रीय बलों की तैनाती नहीं की गई है। इसके खिलाफ भाजपा ने एक बार फिर से हाईकोर्ट का रुख किया है। बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को दिए अपने आदेश में राज्य सरकार को पंचायत चुनाव में केंद्रीय बलों की नियुक्ति करने का निर्देश दिया था। खासकर सात जिलों में केंद्रीय बलों की मौजूदगी में पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया था।

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हाईकोर्ट ने केंद्रीय बलों की नियुक्ति का दिया था आदेश
विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने यह याचिका दायर की थी। अपने आदेश में अदालत ने कहा था कि राज्य चुनाव आयोग उन सभी क्षेत्रों/जिलों में केंद्रीय बलों की तैनाती की मांग करेगा, जिन्हें राज्य चुनाव आयोग की राय में संवेदनशील घोषित किया गया है। हालांकि अदालत के आदेश के बावजूद अभी तक केंद्रीय बलों की नियुक्ति नहीं की गई है। 

विपक्षी पार्टियों का आरोप है कि उनके उम्मीदवारों को पंचायत चुनाव के लिए नामांकन नहीं करने दिया जा रहा है। इसके चलते लगातार हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों को बीडीओ, एसडीओ ऑफिस तक नहीं पहुंचने दिया जा रहा है। विपक्षी पार्टियों ने हाईकोर्ट में मांग की थी कि पंचायत चुनाव के लिए नामांकन की तारीख आगे बढ़ा दी जाए। हालांकि हाईकोर्ट ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। पंचायत चुनाव के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 15 जून है। 
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पिछले पंचायत चुनावों में भी खूब हुई हिंसा
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा का इतिहास रहा है। 2013 और 2018 के पंचायत चुनाव भी अपवाद नहीं थे। 2013 में जहां पंचायत चुनाव में हिंसा के चलते 39 लोगों की मौत हुई थी, वहीं 2018 में 21 लोग मारे गए थे। पिछले पंचायत चुनाव में 34 प्रतिशत सीटों पर टीएमसी निर्विरोध जीती थी, साथ ही 90 प्रतिशत सीटों पर टीएमसी समर्थित उम्मीदवारों ने ही जीत दर्ज की थी। 

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