दिल्ली में कितना बड़ा है मोहन सिंह बिष्ट का सियासी कद?
- मोहन सिंह बिष्ट 2013 में भाजपा की दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए थे। तब विजय गोयल अध्यक्ष बनाए गए थे।
- उनकी पत्नी का नाम लक्ष्मी बिष्ट है। उनके दो बच्चे- एक बेटा और एक बेटी है।
इस विधानसभा चुनाव में नाटकीय रहा सीट बदलने का वाकया
गौरतलब है कि मोहन सिंह बिष्ट लंबे समय से दिल्ली की करावल नगर सीट से भाजपा के विधायक रहे हैं। अगर 2015 की बात छोड़ दी जाए तो उन्हें सभी चुनावों में जीत मिली। हालांकि, इस बार भाजपा ने करावल नगर सीट से कपिल मिश्रा को उतारने का फैसला किया। कपिल मिश्रा वही नेता हैं, जिन्होंने आम आदमी पार्टी की तरफ से लड़ते हुए 2015 में करावल नगर सीट से मोहन बिष्ट को हरा दिया था। भाजपा ने इसी आधार पर 2025 में मोहन सिंह बिष्ट का टिकट काटते हुए कपिल मिश्रा को इस सीट से चुनाव लड़ाने का फैसला किया।
मुस्तफाबाद की अनजान सीट पर कम नहीं थीं चुनौतियां
गौरतलब है कि मुस्तफाबाद में 39.5 फीसदी मुस्लिम आबादी है। इस सीट पर आप, कांग्रेस के अलावा ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने भी अपना प्रत्याशी उतारा। उसने आप के पूर्व पार्षद और 2020 के दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को टिकट दिया। गौरतलब है कि 2020 के दंगों में मुस्तफाबाद सबसे बुरे प्रभावित क्षेत्रों में से एक था। तब दंगों में यहां 53 लोगों की मौत हो गई थी।