महाराष्ट्र के भाजपा विधायक अतुल भातखलकर ने गुरुवार को राज्य में सरकार द्वारा संचालित मदरसों पर अंकुश लगाने की बात कही है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है। भातखलकर ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है कि वे महाराष्ट्र में राज्य सरकार द्वारा संचालित मदरसों पर अंकुश लगाने के असम सरकार के फैसले का अनुकरण करें ताकि मुस्लिम समुदाय के छात्रों को आधुनिक शिक्षा मिल सके।
भातखलकर ने अपने पत्र में लिखा, 'महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री जो कहते हैं कि उन्हें हिंदुत्व की साख को साबित करने के लिए किसी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है, उन्हें कट्टरपंथी धार्मिक कार्यक्रमों का प्रचार करने वाले राज्य वित्त पोषित मदरसों को बंद करने के लिए एक साहसी कदम उठाना चाहिए।'
उन्होंने दावा किया, 'ये संस्थान किसी भी आधुनिक शिक्षा की पेशकश नहीं करते हैं और केवल एक धर्म की शिक्षा प्रदान करते हैं। करदाताओं के पैसे पर ऐसी संस्थाओं को चलाना गलत है।' भातखलकर ने यह भी कहा कि मुस्लिम समुदाय के छात्रों को सीधी छात्रवृत्ति प्रदान की जानी चाहिए ताकि वे मुख्यधारा के स्कूलों में जा सकें।
उत्तरी मुंबई के भाजपा विधायक भातखलकर ने कहा, 'मैं असम सरकार को एक समान निर्णय लेने के लिए बधाई देता हूं।' उन्होंने कहा कि शिया वक्फ बोर्ड के प्रमुख वसीम रिजवी ने पहले ही प्रधानमंत्री से मदरसों पर प्रतिबंध लगाने और छात्रों और धार्मिक प्रचारकों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की समान मांग कर चुके हैं।
बता दें कि एक दिन पहले असम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक और राज्य के शिक्षा मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि नवंबर में सभी राज्य संचालित मदरसों को बंद करने के बारे में एक अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में लगभग 100 संस्कृत स्कूल भी बंद हो जाएंगे।
उन्होंने कहा, 'सभी राज्य संचालित मदरसों को नियमित स्कूलों में परिवर्तित किया जाएगा या कुछ मामलों में शिक्षकों को राज्य संचालित स्कूलों में स्थानांतरित किया जाएगा और मदरसों को बंद कर दिया जाएगा। इसके लिए नवंबर में एक अधिसूचना जारी की जाएगी।'