नुपुर शर्मा प्रकरण में देर करके हाथ जला चुकी भाजपा ने हैदराबाद के विवादित नेता टी. राजा को पार्टी से निलंबित कर दिया है। उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए पार्टी ने उनके विवादित बयान पर सफाई मांगी है। तेलंगाना में अपना राजनीतिक भविष्य तलाश रही पार्टी को टी. राजा के बयानों की वजह से नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस बयान के बाद तेलंगाना में भाजपा विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं। उन पर कड़ी कार्रवाई की मांग की जा रही है। राजा को मंगलवार सुबह ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
भाजपा ने विवादित नेता के बयान से किनारा कर लिया है, लेकिन पार्टी नेताओं का मानना है कि उनके इस बयान से पार्टी को सियासी नुकसान हो सकता है। पार्टी ने हैदराबाद में आयोजित राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मुसलमानों के बीच अपनी स्वीकार्यता बढाने की बात कही थी। राष्ट्रीय स्तर पर कार्यक्रम चलाकर मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच पहुंच बढाने की कोशिश भी शुरू हो चुकी है, लेकिन पार्टी की इन कोशिशों के बीच यह बयान पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है।
नुपुर शर्मा प्रकरण के बाद भाजपा ने पार्टी नेताओं-प्रवक्ताओं को इस बात की विशेष चेतावनी दी थी कि वे अपनी सार्वजनिक बहस में धर्म-जाति या किसी वर्ग विशेष पर नकारात्मक टिप्पणी न करें। टीवी बहस में बचाव के बीच भी इन मुद्दों पर कोई नकारात्मक टिप्पणी करने से बचें। मुद्दे को अनावश्यक तूल न देने की रणनीति से नुपुर शर्मा प्रकरण पर प्रवक्ताओं को बोलने पर प्रतिबंध लगा दिया था। टी. राजा मामले पर बढ़ता विवाद देखकर पार्टी ने इस मामले पर भी अपने नेताओं को कुछ न बोलने की हिदायत दी है।