सुंदरबनी में फिदायीनों के साथ मुठभेड़ के दौरान सेना और पुलिस के साथ फोटो खींचकर उसे फेसबुक पर अपलोड कर जम्मू कश्मीर के राजोरी से भाजपा विधायक रविंद्र रैणा नए विवाद में घिर गए हैं। इसे सुरक्षा का उल्लंघन माना जा रहा है। इससे जवानों की जान खतरे में पड़ सकती है। जिला पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
बीते दिनों सुंदरबनी में फिदायीनों को ढेर करने के बाद सेना और पुलिस ने जब ऑपरेशन खत्म कर दिया, तभी घटनास्थल पर पहुंचे विधायक रैणा ने सुरक्षा बलों के साथ फोटो खिंचवाकर उन्हें सोशल साइट्स पर अपलोड कर दिया। पुलिस के अनुसार इस प्रकार से जवानों के साथ फोटोग्राफी करना और उन फोटो को सोशल साइट्स पर डालना स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसीजर (एसओपी) और सुरक्षा का उल्लंघन माना जाता है।
एसओपी के तहत जो सुरक्षा बल किसी एनकाउंटर में भाग लेते हैं, उनके साथ फोटोग्राफी करना और उन फोटो को सोशल साइट्स पर अपलोड करना सुरक्षा बलों की गोपनीयता को तोड़ना माना जाता है। इस फोटो को शेयर करने के बाद
रविंद्र राणा सोशल मीडिया पर भी ट्रोल हुए थे। उन्हें लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा था।