त्रिपुरा विधानसभा अध्यक्ष रतन चक्रवर्ती ने कहा कि कारबुक विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक ने मुलाकात कर व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा सौंपा है।
भाजपा नेता बरबा मोहन ने शुक्रवार को विधायक पद से इस्तीफा दे दिया। अपने त्याग पत्र में गोमती जिले के कारबुक के विधायक ने विधानसभा के सदस्य पद को छोड़ने के लिए व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है।
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त्रिपुरा विधानसभा अध्यक्ष रतन चक्रवर्ती ने कहा कि कारबुक विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक ने मुलाकात कर व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपना इस्तीफा सौंपा। उनके साथ टिपरा मोथा के अध्यक्ष प्रद्योत किशोर माणिक्य देबबर्मा भी थे। स्पीकर ने कहा कि प्रक्रिया का पालन करते हुए इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि वह आज से ही विधानसभा का सदस्य नहीं है। उन्होंने कहा कि उनसे इस्तीफा नहीं देने का अनुरोध किया क्योंकि वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है, लेकिन उन्होंने इस्तीफा देने पर जोर दिया।
इस इस्तीफे के साथ, 60 सदस्यीय विधानसभा की ताकत घटकर 58 हो गई क्योंकि आईपीएफटी विधायक बृशकेतु देबबर्मा को पहले अयोग्य घोषित कर दिया गया था। बुरबा मोहन त्रिपुरा ने विधायक के साथ-साथ भाजपा के सदस्य के रूप में इस्तीफा दे दिया। टिपरा मोथा के मुताबिक, वह किसी भी राष्ट्रीय राजनीतिक दल में शामिल नहीं होना चाहते है। वह त्रिपुरा की स्वदेशी जनजातियों टिपरासा के लिए काम करना चाहते है।
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सरकार पर है स्पष्ट्र बहुमत
इस्तीफे के बावजूद माणिक साहा के नेतृत्व वाली सरकार के पास विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है। भाजपा के पास 35 विधायक हैं, जबकि उसकी सहयोगी आईपीएफटी के सात विधायक हैं। विपक्षी माकपा के पास 15 विधायक हैं और कांग्रेस के पास एक विधायक है।