जयललिता के निधन और करुणानिधि के संन्यास के कारण तमिलनाडु में पैदा हुई राजनीतिक नेतृत्वहीनता की स्थिति को खुद के लिए बड़ा अवसर मान रही भाजपा की रणनीति दक्षिण के दो फिल्मी सितारों ने गड़बड़ा दी है।
रजनीकांत द्वारा अपने पत्ते नहीं खोलने और इसी बीच कमल हासन के राजनीति में कूदने के संकेत के बाद भाजपा सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक से नजदीकी बढ़ाने को लेकर सतर्क हो गई है। सूबे में संगठन विस्तार की व्यापक संभावना देख रही पार्टी अब इन दोनों बड़े सितारों का भावी रुख भांपने में जुटी है।
दरअसल, तमिलनाडु में भाजपा की रणनीति अन्नाद्रमुक में अपनी पैठ बढ़ाने के अलावा रजनीकांत को साधने की है। अन्नाद्रमुक के नेता आपसी विवाद में अब भी बुरी तरह उलझे हैं तो वहीं रजनीकांत अपना रुख साफ नहीं कर रहे।