यूपी में खानपान को लेकर योगी आदित्यनाथ के फैसलों को आदर्श मानते हुए ये संगठन बाकी राज्यों में भी ऐसा ही चाहते हैं।
कट्टरपंथी हिंदू संगठन पांच बीजेपी शासित राज्यों में लोगों को वेजेटेरियन खाने के लिए दबाव डाल रहे हैं। इकॉनमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक, अवैध बूचड़खाने के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार के अभियान के बाद झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की सरकारें भी उस रास्ते पर चल सकती हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, गौ संरक्षण प्रकोष्ठ और कर्नाटक फेडरेशन ऑफ गौशाला सहित कई गौरक्षक संस्थाओं ने मांग की है कि बंगलूरू के 1700 मीट की दुकानें अवैध हैं और इसे बंद कर देनी चाहिए।
प्रकोष्ठ के कर्नाटक कन्वेनर सुंदरराज पाई ने दावा किया कि बंगलूरू की सिर्फ 43 मीट की दुकानों को ब्रुहत बंगलूरू महंगारा पालिके (बीबीएमपी) से लाइसेंस मिला है। कर्नाटक फेडरेशन ऑफ गौशाला के नेता राघवेंद्र ने कहा, हम उत्तर प्रदेश को एक मॉडल के तौर पर ले रहे हैं। जहां मीट की दुकानों के मालिकों ने स्वेच्छा से दुकान बंद कर लिए।
गौरक्षक, कर्नाटक हाईकोर्ट के साल 1997 के आदेश को भी समझा रहे हैं। इसमें कहा गया था कि बूचड़खाने और मीट की दुकानें को शहर के बाहर ऐसे जगह शिफ्ट किया जाए, जहां लोग नहीं रहते हों।