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Kerala: वक्फ नोटिस वापस लेने के आदेश पर BJP का कांग्रेस पर हमला, कहा- राज्य सरकार बनी यू-टर्न विशेषज्ञ

Sun, 03 Nov 2024 01:04 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कर्नाटक सरकार अब यू-टर्न विशेषज्ञ बन गई है। पहले यह कहता है कि कोई मुडा घोटाला नहीं हुआ था, फिर यह मुडा घोटाले की जमीन लौटाता है। 
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सीएम बसवराज बोम्मई और भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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कर्नाटक में एक बार फिर कांग्रेस सरकार मुश्किलों में फंसती नजर आ रही है। दरअसल, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अधिकारियों को वक्फ भूमि से संबंधित किसानों को जारी किए गए सभी नोटिस को तुरंत वापस लेने का सख्त आदेश दिया है। इसी को लेकर अब भाजपा ने हमला बोला है। उसका कहना है कि राज्य सरकार यू-टर्न विशेषज्ञ बन गई है। 

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'पहले कहते हैं कि घोटाला नहीं हुआ, फिर लौटाते हैं जमीन'
भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, 'कर्नाटक सरकार अब यू-टर्न विशेषज्ञ बन गई है। पहले यह कहता है कि कोई मुडा घोटाला नहीं हुआ था, फिर यह मुडा घोटाले की जमीन लौटाता है। अब सिद्धारमैया ने आदेश दिया है कि किसी भी किसान की जमीन नहीं ली जाएगी। लेकिन वक्फ बिल्कुल भी नहीं रुक रहा है। विजयपुरा और कर्नाटक में 53 वक्फ संपत्तियों की पहचान की गई है। इसका साफ मतलब है कि कांग्रेस सुनियोजित तरीके से अपने वोट बैंक को किसानों की जमीन वक्फ को देना चाहती थी। आज जब जेपीसी में वक्फ में संशोधन लाने की प्रक्रिया चल रही है तो कांग्रेस इसका विरोध करती है।

कांग्रेस ने एक बड़ा घोटाल करने के बारे में सोचा: तेंगिकई
भाजपा नेता महेश तेंगिकई ने कहा, 'अभी महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव होने जा रहे हैं। इसे देखते हुए पहले उन्होंने नोटिस जारी किया और अब वे इसे वापस ले रहे हैं। उन्होंने एक बड़ा घोटाला करने के बारे में सोचा। राजपत्र अधिसूचना को वापस लेने का आदेश देना चाहिए। आने वाले दिनों में चुनाव के बाद, वे (कांग्रेस) इसे फिर से शुरू कर सकते हैं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।'
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'नोटिस वापस लेने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा'
पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा, 'मुख्यमंत्री वक्फ कानून को अच्छी तरह से जानते हैं, वे उपचुनावों के लिए किसानों के गुस्से को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। नोटिस वापस लेने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा, नोटिस कभी भी फिर से दिया जा सकता है। इसलिए, यदि मुख्यमंत्री वास्तव में किसानों के कल्याण और उनकी भूमि की सुरक्षा में रुचि रखते हैं, तो उन्हें राजपत्र अधिसूचना वापस ले लेनी चाहिए, जिसके आधार पर ये नोटिस जारी किए गए हैं। जब तक ऐसा नहीं किया जाता है। मुख्यमंत्री को वक्फ बोर्ड को उस राजपत्र अधिसूचना को वापस लेने का आदेश देना चाहिए। चार नवंबर को, हम सभी वक्फ मुद्दों के खिलाफ एक बड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।'

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