राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार के राम मंदिर निर्माण को लेकर दिए गए एक बयान पर राजनीति शुरू हो गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने शरद पवार के बयान को लेकर उन पर हमला बोला है।
दरअसल, रविवार को एनसीपी प्रमुख पवार ने कहा था कि कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर बनाने से कोरोना महामारी खत्म हो जाएगी। इस पर उमा भारती ने कहा है कि पवार का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नहीं, बल्कि भगवान राम के खिलाफ है।
रविवार को एक कार्यक्रम के दौरान पवार से राम मंदिर की आधारशिला रखे जाने की प्रस्तावित तिथि के बारे में सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर बनाने से कोरोना वायरस महामारी का उन्मूलन करने में मदद मिलेगी।
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गौरतलब है कि शनिवार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या में राम मंदिर की आधारशिला रखने के लिए अगले महीने की दो तारीखों का सुझाव दिया था, जिसके बाद उनकी यह टिप्पणी आई है।
ट्रस्ट ने तीन या पांच अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शिलान्यास करने के लिए आमंत्रित किया है। पवार ने सोलापुर में संवाददाताओं से कहा, कोविड-19 का उन्मूलन महाराष्ट्र सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन कुछ लोगों को लगता है कि मंदिर का निर्माण करने से इसपर काबू पाने में मदद मिलेगी।
इस बीच, दक्षिण मुंबई से शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि भगवान राम उनकी पार्टी के लिए आस्था का विषय हैं और इस मुद्दे पर उनकी पार्टी कोई राजनीति नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर आंदोलन में शिवसेना की एक अहम भूमिका रही है। पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री बनने से पहले और कार्यभार संभालने के बाद भी अयोध्या का दौरा किया था।